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अधिकारों के लिए एकजुट हों महिलाएं
Updated Fri, 09 Mar 2018 12:48 AM IST
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अधिकारों के लिए एकजुट हों महिलाएं
चिलकाना/नागल (सहारनपुर)। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर दिशा सामाजिक संगठन की महिलाओं ने जुलूस निकालकर अपनी ताकत का अहसास कराया और साथ ही अधिकारों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया।
बृहस्पतिवार को दिशा कैंपस में क्षेत्र की महिलाएं इकट्ठा हुईं। चेयरमैन अकबर कुरैशी ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए आगे बढ़ना चाहिए। समाज के निर्माण में महिलाओं की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर महिलाओं का उत्पीड़न होता है तो उन्हें इसका विरोध करना चाहिए। दिशा संगठन के निदेशक केएन तिवारी ने कहा कि महिलाओं ने 1857 में अमेरिका में काम के घंटे तथा मजदूरी तय करने के लिए संघर्ष शुरू किया था। आठ मार्च 1908 में महिलाओं को अपने मिशन में सफलता मिली तथा 1911 में पहली बार महिला दिवस मनाया गया। सुरेशो सैनी, शाहीन, पी राम, रेखा शर्मा, सविता, राज्जो देवी, नीलम, मुकेश, रजनीश, कुलदीप, तनवीर, संगीता, गीता, सुरेशो आदि रहे। इसके बाद दिशा से जुडी सैकडों महिलाओं ने हाथों में महिला सशक्तिकरण के बैनर लेकर तथा नारे लगाते हुए जुलूस निकाला।
नागल के गंगौली गुर्जर में कामन सर्विस सेंटर द्वारा स्त्री स्वाभिमान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें सेंटर के जिला प्रबंधक शहजाद ने कहा कि महिलाओं को समाज में अपनी बात रखने के लिए मजबूत बनना होगा और शिक्षा व्यवसाय में भी आगे बढ़कर अपना योगदान देना होगा। सचिन पंवार, अगरेश कुमार, जुनेद खान, तेलूराम, कपिल, गुरमीत आदि मौजूद रहे।
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चिलकाना/नागल (सहारनपुर)। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर दिशा सामाजिक संगठन की महिलाओं ने जुलूस निकालकर अपनी ताकत का अहसास कराया और साथ ही अधिकारों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया।
बृहस्पतिवार को दिशा कैंपस में क्षेत्र की महिलाएं इकट्ठा हुईं। चेयरमैन अकबर कुरैशी ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए आगे बढ़ना चाहिए। समाज के निर्माण में महिलाओं की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर महिलाओं का उत्पीड़न होता है तो उन्हें इसका विरोध करना चाहिए। दिशा संगठन के निदेशक केएन तिवारी ने कहा कि महिलाओं ने 1857 में अमेरिका में काम के घंटे तथा मजदूरी तय करने के लिए संघर्ष शुरू किया था। आठ मार्च 1908 में महिलाओं को अपने मिशन में सफलता मिली तथा 1911 में पहली बार महिला दिवस मनाया गया। सुरेशो सैनी, शाहीन, पी राम, रेखा शर्मा, सविता, राज्जो देवी, नीलम, मुकेश, रजनीश, कुलदीप, तनवीर, संगीता, गीता, सुरेशो आदि रहे। इसके बाद दिशा से जुडी सैकडों महिलाओं ने हाथों में महिला सशक्तिकरण के बैनर लेकर तथा नारे लगाते हुए जुलूस निकाला।
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नागल के गंगौली गुर्जर में कामन सर्विस सेंटर द्वारा स्त्री स्वाभिमान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें सेंटर के जिला प्रबंधक शहजाद ने कहा कि महिलाओं को समाज में अपनी बात रखने के लिए मजबूत बनना होगा और शिक्षा व्यवसाय में भी आगे बढ़कर अपना योगदान देना होगा। सचिन पंवार, अगरेश कुमार, जुनेद खान, तेलूराम, कपिल, गुरमीत आदि मौजूद रहे।
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