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मिल्लत-ए-इस्लामिया तमाम उलमा की अहसानमंद: बस्तवी
Updated Thu, 08 Mar 2018 12:16 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। दारुल उलूम नदवातुल उलमा लखनऊ के उस्ताद-ए-हदीस व इस्लामिक फिकहा एकेडमी के सचिव मौलाना अतीक अहमद बस्तवी ने कहा कि मिल्लत-ए-इस्लामिया तमाम उलमा की अहसान मंद है जिन्होंने शरीयत की रोशनी में उम्मत के सामने पेश आने वाली नई समस्याओं का हल पेश कर दिया। ताकि किसी तरह की परेशानी न हो और वो आसानी से उस पर अमल कर सकें।
दारुल उलूम वक्फ में हुज्जतुल इस्लाम एकेडमी के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मौलाना अतीक अहमद बस्तवी ने अकाबिरों की सेवाओं पर विस्तार से रोशनी डालते हुए छात्रों से उनके नक्शे कदम पर चलने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि उलमा ने शरीयत की रोशनी में पेश आने वाली नई परेशानियों का हल पहले ही पेश कर दिया। ताकि मुसलमान आसानी से उन पर अमल कर सके। एकेडमी के डायरेक्टर डा. शाकिब कासमी ने छात्रों से कहा कि भविष्य में मिल्लत की कयादत आपके हाथों में हैं जहां आपको लोगों की रहनुमाई करनी है। वहीं, उम्मत की दीनी रहनुमाई की जिम्मेदारी भी आपकी है। इसलिए संजीदगी के साथ पढ़ाई पर ध्यान देने की जरुरत है ताकि जो जिम्मेदारी भविष्य में आपके उपर आने वाली हैं उन्हें आसानी से पूरा किया जा सके। इस मौके पर संस्था के उस्ताद व छात्र मौजूद रहे।
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दारुल उलूम वक्फ में हुज्जतुल इस्लाम एकेडमी के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मौलाना अतीक अहमद बस्तवी ने अकाबिरों की सेवाओं पर विस्तार से रोशनी डालते हुए छात्रों से उनके नक्शे कदम पर चलने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि उलमा ने शरीयत की रोशनी में पेश आने वाली नई परेशानियों का हल पहले ही पेश कर दिया। ताकि मुसलमान आसानी से उन पर अमल कर सके। एकेडमी के डायरेक्टर डा. शाकिब कासमी ने छात्रों से कहा कि भविष्य में मिल्लत की कयादत आपके हाथों में हैं जहां आपको लोगों की रहनुमाई करनी है। वहीं, उम्मत की दीनी रहनुमाई की जिम्मेदारी भी आपकी है। इसलिए संजीदगी के साथ पढ़ाई पर ध्यान देने की जरुरत है ताकि जो जिम्मेदारी भविष्य में आपके उपर आने वाली हैं उन्हें आसानी से पूरा किया जा सके। इस मौके पर संस्था के उस्ताद व छात्र मौजूद रहे।
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