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प्रभु भोग नहीं भाव के भूखे : ब्रह्म ऋषि
Updated Wed, 22 Nov 2017 12:38 AM IST
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सहारनपुर। गोपाल नगर स्थित श्री गोपाल मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन विदुर कथा का वर्णन किया गया। इस मौके पर सांसद राघव लखनपाल शर्मा और वरिष्ठ फिजीशियन डा. संजीव मिगलानी को सम्मानित किया गया।
श्रीमद्भागवत कथा में ब्रह्म ऋषि मदन लाल मदन और कथा व्यास ब्रज रसिक कन्हैया ने प्रवचनों की अमृत वर्षा की। वरिष्ठ फिजीशियन डा. संजीव मिगलानी और सांसद राघव लखनपाल शर्मा को उनके समाज के प्रति समर्पण व सेवाभाव के लिए सम्मानित किया गया। कथा व्यास ने विदुर की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि प्रेम के बंधन में प्रभु केले के छिलके भी खा गए और विदुराणी की भावना का सम्मान किया। अभिमान से भरे दुर्योधन को 56 भोग को प्रभु ने स्वीकार नहीं किया। प्रभु सिर्फ भाव देखते हैं। आयोजक आचार्य धीरज भारद्वाज ने सभी का आभार जताया। बलबीर सेठी, धर्मपाल मेहंदीरत्ता, पवन, प्रतीक, नीरज, पवन शर्मा मौजूद रहे।
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श्रीमद्भागवत कथा में ब्रह्म ऋषि मदन लाल मदन और कथा व्यास ब्रज रसिक कन्हैया ने प्रवचनों की अमृत वर्षा की। वरिष्ठ फिजीशियन डा. संजीव मिगलानी और सांसद राघव लखनपाल शर्मा को उनके समाज के प्रति समर्पण व सेवाभाव के लिए सम्मानित किया गया। कथा व्यास ने विदुर की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि प्रेम के बंधन में प्रभु केले के छिलके भी खा गए और विदुराणी की भावना का सम्मान किया। अभिमान से भरे दुर्योधन को 56 भोग को प्रभु ने स्वीकार नहीं किया। प्रभु सिर्फ भाव देखते हैं। आयोजक आचार्य धीरज भारद्वाज ने सभी का आभार जताया। बलबीर सेठी, धर्मपाल मेहंदीरत्ता, पवन, प्रतीक, नीरज, पवन शर्मा मौजूद रहे।
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