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राज्य कर्मचारियों का समस्याओं के लिए धरना प्रदर्शन
Updated Fri, 01 Sep 2017 12:12 AM IST
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सहारनपुर। उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ ने 15 सूत्रीय मांगों का निस्तारण कराए जाने की मांग को लेकर धरना दिया और कर्मचारियों के साथ धोखा करने का आरोप लगाते हुए जमकर प्रदर्शन किया।
महासंघ के जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह त्यागी के नेतृत्व में कर्मचारी एकत्रित होकर हकीकतनगर स्थित धरना स्थल पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। अर्जुन सिंह त्यागी ने कहा कि सरकार ने अभी तक नई पेंशन व्यवस्था को समाप्त न कर राज्य कर्मचारियों के साथ धोखा किया है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 50 वर्ष की सेवा के उपरांत जबरन सेवानिवृत्ति की जा रही है। वेतन विसंगति समाप्त नहीं की गई है। उन्होंने मांग की है कि पुरानी परिभाषित पेंशन व्यवस्था लागू की जाए, जबरिया सेवानिवृत्ति आदेश निरस्त किए जाएं, वेतन विसंगतियों को समाप्त किया जाए, केंद्र के समान भत्ते एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए, नियमित किए गए पूर्व कार्य प्रभारित कर्मचारियों की सेवाएं पेंशन के लिए जोड़ी जाएं एवं अन्य को नियमित किया जाए, नान फंक्शनल ग्रेड पे को समाप्त किया जाए, चरित्र पंजिका की व्यवस्था समाप्त की जाए, आउट सोर्सिंग की व्यवस्था को समाप्त की जाए, रिक्त पदों पर नियमित नियुक्तियां सीधी भर्ती से की जाए, जिला पंचायत कर्मियों की वेतन विसंगतियां दूर कर 7वें वेतन आयोग की संस्तुतियों को लागू किया जाए, स्क्रीम वर्कर्स को न्यूनतम वेतन 18000 रुपये दिया जाए, लोक निर्माण विभाग श्रमिक संघ के प्रतिनिधियों से सरकार स्तर पर वार्ता कर समस्याओं का समाधान किया जाए, सातवें वेतन आयोग के सापेक्ष आवासीय भत्ता एवं सीसीए संशोधित किया जाए। धरने के बाद महासंघ ने मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन डीएम को सौंपा। ज्ञापन देने वालों में राजकुमार, राजवीर सिंह, सुनीता चौधरी, सीमा तिवारी, राजेंद्र कुमार, रघुवीर सिंह रावत, रणधीर सिंह, बिशनपाल, धर्मेंद्र धवलहार, राजकुमार उर्फ राजू, अभिनेश कुमार, यशपाल सिंह, रमेश चंद शर्मा, विनोद कुमार शर्मा, तरुण भोला, गोपाल सिंह, जगजीत सिंह सहगल, सोहन पाल सिंह, चरण सिंह, विजेंद्र सिींह, मुकेश त्यागी, पवन त्यागी, एके श्रीवास्तव, मेनपाल शर्मा, सलीम, सौरभ, राकेश कुमार, अब्दुल मलिक, सलीम कौसर, नाजिम अली खां शामिल रहे।
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महासंघ के जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह त्यागी के नेतृत्व में कर्मचारी एकत्रित होकर हकीकतनगर स्थित धरना स्थल पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। अर्जुन सिंह त्यागी ने कहा कि सरकार ने अभी तक नई पेंशन व्यवस्था को समाप्त न कर राज्य कर्मचारियों के साथ धोखा किया है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 50 वर्ष की सेवा के उपरांत जबरन सेवानिवृत्ति की जा रही है। वेतन विसंगति समाप्त नहीं की गई है। उन्होंने मांग की है कि पुरानी परिभाषित पेंशन व्यवस्था लागू की जाए, जबरिया सेवानिवृत्ति आदेश निरस्त किए जाएं, वेतन विसंगतियों को समाप्त किया जाए, केंद्र के समान भत्ते एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए, नियमित किए गए पूर्व कार्य प्रभारित कर्मचारियों की सेवाएं पेंशन के लिए जोड़ी जाएं एवं अन्य को नियमित किया जाए, नान फंक्शनल ग्रेड पे को समाप्त किया जाए, चरित्र पंजिका की व्यवस्था समाप्त की जाए, आउट सोर्सिंग की व्यवस्था को समाप्त की जाए, रिक्त पदों पर नियमित नियुक्तियां सीधी भर्ती से की जाए, जिला पंचायत कर्मियों की वेतन विसंगतियां दूर कर 7वें वेतन आयोग की संस्तुतियों को लागू किया जाए, स्क्रीम वर्कर्स को न्यूनतम वेतन 18000 रुपये दिया जाए, लोक निर्माण विभाग श्रमिक संघ के प्रतिनिधियों से सरकार स्तर पर वार्ता कर समस्याओं का समाधान किया जाए, सातवें वेतन आयोग के सापेक्ष आवासीय भत्ता एवं सीसीए संशोधित किया जाए। धरने के बाद महासंघ ने मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन डीएम को सौंपा। ज्ञापन देने वालों में राजकुमार, राजवीर सिंह, सुनीता चौधरी, सीमा तिवारी, राजेंद्र कुमार, रघुवीर सिंह रावत, रणधीर सिंह, बिशनपाल, धर्मेंद्र धवलहार, राजकुमार उर्फ राजू, अभिनेश कुमार, यशपाल सिंह, रमेश चंद शर्मा, विनोद कुमार शर्मा, तरुण भोला, गोपाल सिंह, जगजीत सिंह सहगल, सोहन पाल सिंह, चरण सिंह, विजेंद्र सिींह, मुकेश त्यागी, पवन त्यागी, एके श्रीवास्तव, मेनपाल शर्मा, सलीम, सौरभ, राकेश कुमार, अब्दुल मलिक, सलीम कौसर, नाजिम अली खां शामिल रहे।
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