{"_id":"599dd05b4f1c1b76568b485c","slug":"51503514715-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"225 साल पुरानी इमारत का छज्जा गिरा, हादसा टला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
225 साल पुरानी इमारत का छज्जा गिरा, हादसा टला
Updated Thu, 24 Aug 2017 12:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। पुल खुमरान स्थित शहीदे आजम भगत सिंह तिराहे से सटी 225 साल पुरानी इमारत का छज्जा टूटकर सड़क और दुकानों पर गिर गया। साथ ही उसमें दरार भी आ गई। इसकी वजह से इमारत में रह रहे परिवार दहशत में आ गए। गनीमत रही कि कोई चोटिल नहीं हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। नगर निगम की टीम ने मुआयना करने के बाद इमारत में रह रहे परिवार और दुकानदारों को उसको खाली करने के लिए नोटिस जारी किया।
जनपद में पिछले चार दिन से रुक-रुककर हो रही झमाझम बारिश की वजह से जर्जर मकान और उनमें रह रहे लोग खतरे में आ गए हैं। बुधवार की सुबह बारिश के बाद निकली धूप में भगत सिंह तिराहे के पास खड़ी एक इमारत का करीब 25 फुट लंबा छज्जा नीचे बनी दुकानों और सड़क पर गिर गया। छज्जा गिरने के बाद इमारत में रहे परिवार बाहर आ गए। करीब 80 वर्षीय एक बुजुर्ग ने दावा किया कि वर्ष 1793 में यह इमारत पंडित बंशीधर और पंडित सुगन चंद ने बनवाई थी। इमारत की आगे की दीवारों पर अंग्रेजों के चित्र बने हुए हैं, जिनमें कई महिलाएं भी शामिल हैं। वर्तमान में अधिवक्ता राजेंद्र का परिवार इसमें रह रहा है। इमारत गिरने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। साथ ही नगर निगम की टीम भी जेसीबी लेकर पहुंची।
इमारत का छज्जा गिरने और पूरी इमारत में दरार आने की सूचना मिली थी, जिसके बाद हमने अपनी टीम को मौके पर भेजा था। भवन में रहने वालों को नोटिस जारी कर इमारत खाली करने या फिर इसकी मरम्मत कराने को कहा गया है। जानकारी मिली है कि भवन के स्वामी और किरायेदार का कोई मामला कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में मामले में कानूनी सलाह ली जा रही है।
विज्ञापन
- गौरव वर्मा, नगरायुक्त।
विज्ञापन
जनपद में पिछले चार दिन से रुक-रुककर हो रही झमाझम बारिश की वजह से जर्जर मकान और उनमें रह रहे लोग खतरे में आ गए हैं। बुधवार की सुबह बारिश के बाद निकली धूप में भगत सिंह तिराहे के पास खड़ी एक इमारत का करीब 25 फुट लंबा छज्जा नीचे बनी दुकानों और सड़क पर गिर गया। छज्जा गिरने के बाद इमारत में रहे परिवार बाहर आ गए। करीब 80 वर्षीय एक बुजुर्ग ने दावा किया कि वर्ष 1793 में यह इमारत पंडित बंशीधर और पंडित सुगन चंद ने बनवाई थी। इमारत की आगे की दीवारों पर अंग्रेजों के चित्र बने हुए हैं, जिनमें कई महिलाएं भी शामिल हैं। वर्तमान में अधिवक्ता राजेंद्र का परिवार इसमें रह रहा है। इमारत गिरने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। साथ ही नगर निगम की टीम भी जेसीबी लेकर पहुंची।
विज्ञापन
इमारत का छज्जा गिरने और पूरी इमारत में दरार आने की सूचना मिली थी, जिसके बाद हमने अपनी टीम को मौके पर भेजा था। भवन में रहने वालों को नोटिस जारी कर इमारत खाली करने या फिर इसकी मरम्मत कराने को कहा गया है। जानकारी मिली है कि भवन के स्वामी और किरायेदार का कोई मामला कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में मामले में कानूनी सलाह ली जा रही है।
विज्ञापन
- गौरव वर्मा, नगरायुक्त।