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जनपद में करीब 15 प्रतिशत गन्ना रकबा बढ़ने की उम्मीद
Updated Wed, 14 Jun 2017 12:48 AM IST
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जनपद में करीब 15 प्रतिशत गन्ना रकबा बढ़ने की उम्मीद
सहारनपुर। गन्ना विभाग की ओर से गन्ना रकबा बढ़ाने के लिए चलाए जा रहे अभियान का रिजल्ट सामने आने लगे हैं। विभाग द्वारा कराए जा रहे सैंपल सर्वे में गन्ना क्षेत्रफल में बढ़ोत्तरी का खुलासा हुआ है। इसके आधार पर माना जा रहा है कि जिले में इस बार औसतन गन्ना रकबा में 15 प्रतिशत बढ़ोत्तरी तक हो सकती है। गन्ना सर्वेक्षण कार्य अभी जारी है।
गन्ना विभाग की ओर से किसानों को जागरूक करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में बडे़ स्तर पर कृषक गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत कृषि वैज्ञानिक और विभागीय अधिकारी किसानों को गन्ने की ट्रेंच विधि, प्रजाति बदलाव, सहफसली खेती, शरद कालीन और बसंत कालीन गन्ना बुवाई के फायदों की विस्तार से जानकारी दे रहे हैं। जिसके चलते बड़ी संख्या में प्रजाति बदलाव के साथ ही किसानों ने ट्रेंच विधि से गन्ना बुवाई को भी अपनाया। जिससे इस पेराई सत्र में भी गन्ने की उत्पादकता में वृद्धि हुई और शुगर रिकवरी भी बढ़ी। इस बार गत वर्ष की अपेक्षा गन्ना क्षेत्रफल में बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है। पिछले वर्ष जिले में करीब 75 हजार हेक्टेयर गन्ने का रकबा था। टोडरपुर विकास परिषद के 20 गांवों में हुए सैंपल सर्वे में गत वर्ष की अपेक्षा 22 प्रतिशत गन्ना रकबा बढ़ा हुआ पाया गया। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी ने बताया कि सैंपल सर्वे में जनपद में गन्ना क्षेत्रफल में बढ़ोत्तरी मिली है। हमें उम्मीद है कि इस बार जिले में करीब 15 प्रतिशत गन्ने के रकबा बढ़ सकता है।
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सहारनपुर। गन्ना विभाग की ओर से गन्ना रकबा बढ़ाने के लिए चलाए जा रहे अभियान का रिजल्ट सामने आने लगे हैं। विभाग द्वारा कराए जा रहे सैंपल सर्वे में गन्ना क्षेत्रफल में बढ़ोत्तरी का खुलासा हुआ है। इसके आधार पर माना जा रहा है कि जिले में इस बार औसतन गन्ना रकबा में 15 प्रतिशत बढ़ोत्तरी तक हो सकती है। गन्ना सर्वेक्षण कार्य अभी जारी है।
गन्ना विभाग की ओर से किसानों को जागरूक करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में बडे़ स्तर पर कृषक गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत कृषि वैज्ञानिक और विभागीय अधिकारी किसानों को गन्ने की ट्रेंच विधि, प्रजाति बदलाव, सहफसली खेती, शरद कालीन और बसंत कालीन गन्ना बुवाई के फायदों की विस्तार से जानकारी दे रहे हैं। जिसके चलते बड़ी संख्या में प्रजाति बदलाव के साथ ही किसानों ने ट्रेंच विधि से गन्ना बुवाई को भी अपनाया। जिससे इस पेराई सत्र में भी गन्ने की उत्पादकता में वृद्धि हुई और शुगर रिकवरी भी बढ़ी। इस बार गत वर्ष की अपेक्षा गन्ना क्षेत्रफल में बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है। पिछले वर्ष जिले में करीब 75 हजार हेक्टेयर गन्ने का रकबा था। टोडरपुर विकास परिषद के 20 गांवों में हुए सैंपल सर्वे में गत वर्ष की अपेक्षा 22 प्रतिशत गन्ना रकबा बढ़ा हुआ पाया गया। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी ने बताया कि सैंपल सर्वे में जनपद में गन्ना क्षेत्रफल में बढ़ोत्तरी मिली है। हमें उम्मीद है कि इस बार जिले में करीब 15 प्रतिशत गन्ने के रकबा बढ़ सकता है।
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