{"_id":"5c06d43fbdec22413f5da0eb","slug":"41543951423-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैर इरादतन हत्या के मामले में पिता पुत्रों को आठ वर्ष की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गैर इरादतन हत्या के मामले में पिता पुत्रों को आठ वर्ष की सजा
Updated Wed, 05 Dec 2018 12:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवबंद (सहारनपुर)। छह वर्ष पूर्व गैर इरादतन हत्या के एक मामले में मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपी पिता और उसके दो पुत्रों को आठ साल की सजा सुनाई। उन पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवीदयाल शर्मा ने बताया कि 13 मार्च 2012 को साखन कलां गांव में हुए झगड़े में अभियुक्त सुक्कड़ व उसके पुत्र संजय व प्रमेश ने गांव के ही सुनेश व मोनू के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की थी। जिसमें गंभीर चोट आने के कारण मोनू की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। जिसके संबंध में कोतवाली में धारा 323, 304, 504, 506 आईपीसी में मामला पंजीकृत हुआ था। उक्त मामले का विचारण करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. राकेश कुमार नैन की अदालत में चला। मंगलवार को अदालत ने तीनों अभियुक्तों को गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए 8 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपयेे का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्तों को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतने की सजा सुनाई गई।
विज्ञापन
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवीदयाल शर्मा ने बताया कि 13 मार्च 2012 को साखन कलां गांव में हुए झगड़े में अभियुक्त सुक्कड़ व उसके पुत्र संजय व प्रमेश ने गांव के ही सुनेश व मोनू के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की थी। जिसमें गंभीर चोट आने के कारण मोनू की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। जिसके संबंध में कोतवाली में धारा 323, 304, 504, 506 आईपीसी में मामला पंजीकृत हुआ था। उक्त मामले का विचारण करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. राकेश कुमार नैन की अदालत में चला। मंगलवार को अदालत ने तीनों अभियुक्तों को गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए 8 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपयेे का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्तों को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतने की सजा सुनाई गई।
विज्ञापन