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बैंडबाजों संग निकली 26 छड़ियां, गूंजे जयकारे
Updated Sun, 09 Sep 2018 12:29 AM IST
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सहारनपुर। महानगर में बाबा श्री जाहरवीर के जयकारों की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो गया है। शनिवार को बैंडबाजों संग रंग-बिरंगी 26 छड़ियां निकली। छड़ियों को सामूहिक रूप से पूजन कर प्रसाद वितरित किया गया।
शहर से अलग-अलग स्थानों से होते हुई 26 छड़ियां जैन जाग स्थित जैन मंदिर पर एकत्र हुई। यहां से बैंडबाजों संग छड़ियां महावीर कॉलोनी पहुंची, जहां सामूहिक रूप छड़ियों को पूजन किया गया। इसके बाद कढ़ी चावल का प्रसाद वितरित किया गया। पंकज उपाध्याय, अनिल प्रताप सैनी, ओम प्रकाश सैनी, गुलशन सागर, सुरेश वाल्मीकि, डा. बिट्टू, कल्लू भगत, राजेंद्र शामिल रहे।
गंगोह रोड स्थित म्हाड़ी पर इस वर्ष मेले की शुरूआत 19 सितंबर को शुक्ल पक्ष की दशमी पर होगी। दो सप्ताह तक शहर में भ्रमण करने और बेसेरों के बाद श्री जाहरवीर गोगा के प्रमुख चिन्ह नेजा सहित 26 छड़ियां बैंडबाजों संग विभिन्न इलाकों से होती हुई विश्रामपुरी काल भैरव मंदिर पहुंचेंगी और यहां से पूजन के उपरांत म्हाड़ी की ओर प्रस्थान कर जाएंगी। म्हाड़ी पर छड़ियों के पहुंचने से पूर्व लाखों की संख्या में श्रद्धालु छड़ियों के इंतजार में मौजूद रहते हैं। जैसी ही छड़ियां अपने स्थलों पर पहुंचती है तो सर्वप्रथम प्रसाद चढ़ाने और मन्नत मांगने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ती है। दो दिन म्हाड़ी पर मेला चलने के बाद तीसरे दिन छड़ियां वापस अपने-अपने स्थानों पर प्रस्थान करती हैं। इन दिनों मेले से पूर्व बाबा श्री जाहरवीर की शान में जगह-जगह बसेरों और जागरण का आयोजन किया जा रहा है। रात के समय छड़ियों के भक्त श्रद्धालुओं को बाबा की वीरता के किस्से सुनाते हैं। बसेरों में कढ़ी चावल का प्रसाद वितरित किया जाता है।
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शहर से अलग-अलग स्थानों से होते हुई 26 छड़ियां जैन जाग स्थित जैन मंदिर पर एकत्र हुई। यहां से बैंडबाजों संग छड़ियां महावीर कॉलोनी पहुंची, जहां सामूहिक रूप छड़ियों को पूजन किया गया। इसके बाद कढ़ी चावल का प्रसाद वितरित किया गया। पंकज उपाध्याय, अनिल प्रताप सैनी, ओम प्रकाश सैनी, गुलशन सागर, सुरेश वाल्मीकि, डा. बिट्टू, कल्लू भगत, राजेंद्र शामिल रहे।
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गंगोह रोड स्थित म्हाड़ी पर इस वर्ष मेले की शुरूआत 19 सितंबर को शुक्ल पक्ष की दशमी पर होगी। दो सप्ताह तक शहर में भ्रमण करने और बेसेरों के बाद श्री जाहरवीर गोगा के प्रमुख चिन्ह नेजा सहित 26 छड़ियां बैंडबाजों संग विभिन्न इलाकों से होती हुई विश्रामपुरी काल भैरव मंदिर पहुंचेंगी और यहां से पूजन के उपरांत म्हाड़ी की ओर प्रस्थान कर जाएंगी। म्हाड़ी पर छड़ियों के पहुंचने से पूर्व लाखों की संख्या में श्रद्धालु छड़ियों के इंतजार में मौजूद रहते हैं। जैसी ही छड़ियां अपने स्थलों पर पहुंचती है तो सर्वप्रथम प्रसाद चढ़ाने और मन्नत मांगने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ती है। दो दिन म्हाड़ी पर मेला चलने के बाद तीसरे दिन छड़ियां वापस अपने-अपने स्थानों पर प्रस्थान करती हैं। इन दिनों मेले से पूर्व बाबा श्री जाहरवीर की शान में जगह-जगह बसेरों और जागरण का आयोजन किया जा रहा है। रात के समय छड़ियों के भक्त श्रद्धालुओं को बाबा की वीरता के किस्से सुनाते हैं। बसेरों में कढ़ी चावल का प्रसाद वितरित किया जाता है।
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