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नानौता बैसाखी
Updated Sun, 15 Apr 2018 02:24 AM IST
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बैसाखी पर्व पर किया गुरु का गुणगान
नानौता। नगर के गुरुद्वारा साहिब गुरु सिंह सभा में बैसाखी पर्व के साथ ही खालसा पंथ का स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान शब्द कीर्तन के माध्यम से गुरु गोविंद सिंह के जीवन पर भी प्रकाश डाला गया।
शानिवार को मोहल्ला सरावज्ञान स्थित गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा में हुए कार्यक्रम में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पाठ तथा शब्द कीर्तन का आयोजन किया गया। शब्द कीर्तन के माध्यम से हैड ग्रंथी ज्ञानी हरविंदर सिंह ने कहा कि सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह ने वर्ष 1699 में बैसाखी पर्व पर कौम को जगाने के लिए केशगढ़ की पावन धरती पर लोगों को इकठ्ठा किया। उन लोगों में पांच प्यारों की चौंध करके उनको अमृत चखाकर पंच प्यारे घोषित किए। जिन्होंने देश और कौम के लिए विशेष योगदान दिया। आज भी इन पंच प्यारों को बहुत महत्ता प्राप्त है। इसी दिन ही गुरू गोविंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना करते हुए लोगाें में कौम और देश की रक्षा का जज्बा पैदा किया था।
कार्यक्रम में प्रधान सरदार भूपेंद्र सिंह खालसा ने समूह साध संगत को बैसाखी पर्व की बधाई दी। धार्मिक कार्यक्रम के दौरान डा. मनजीत सिंह, महेंद्र सिंह, सरदार इंद्रजीत सिंह, गुरुपाल सिंह, मुख्तयार सिंह, राज कुमार कालड़ा, मनप्रीत सिंह, अमनप्रीत सिंह, सरदार अरविंदर सिंह काका, अमरदीप सिंह, अमरजीत कौर, कवंलजीत कौर, प्रकाश कौर, रजविंद्र कौर, हरप्रीत कौर, मनप्रीत कौर, रवनीत कौर, कुलजीत कौर, , कुलजोत सिंह रमन, मनी सिंह आदि मौजूद रहे।
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नानौता। नगर के गुरुद्वारा साहिब गुरु सिंह सभा में बैसाखी पर्व के साथ ही खालसा पंथ का स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान शब्द कीर्तन के माध्यम से गुरु गोविंद सिंह के जीवन पर भी प्रकाश डाला गया।
शानिवार को मोहल्ला सरावज्ञान स्थित गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा में हुए कार्यक्रम में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पाठ तथा शब्द कीर्तन का आयोजन किया गया। शब्द कीर्तन के माध्यम से हैड ग्रंथी ज्ञानी हरविंदर सिंह ने कहा कि सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह ने वर्ष 1699 में बैसाखी पर्व पर कौम को जगाने के लिए केशगढ़ की पावन धरती पर लोगों को इकठ्ठा किया। उन लोगों में पांच प्यारों की चौंध करके उनको अमृत चखाकर पंच प्यारे घोषित किए। जिन्होंने देश और कौम के लिए विशेष योगदान दिया। आज भी इन पंच प्यारों को बहुत महत्ता प्राप्त है। इसी दिन ही गुरू गोविंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना करते हुए लोगाें में कौम और देश की रक्षा का जज्बा पैदा किया था।
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कार्यक्रम में प्रधान सरदार भूपेंद्र सिंह खालसा ने समूह साध संगत को बैसाखी पर्व की बधाई दी। धार्मिक कार्यक्रम के दौरान डा. मनजीत सिंह, महेंद्र सिंह, सरदार इंद्रजीत सिंह, गुरुपाल सिंह, मुख्तयार सिंह, राज कुमार कालड़ा, मनप्रीत सिंह, अमनप्रीत सिंह, सरदार अरविंदर सिंह काका, अमरदीप सिंह, अमरजीत कौर, कवंलजीत कौर, प्रकाश कौर, रजविंद्र कौर, हरप्रीत कौर, मनप्रीत कौर, रवनीत कौर, कुलजीत कौर, , कुलजोत सिंह रमन, मनी सिंह आदि मौजूद रहे।
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