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एबीवीपी ने इंग्लिश मीडियम स्कूलों के खिलाफ मोर्चा खोला

Thu, 12 Apr 2018 11:45 PM IST
Updated Thu, 12 Apr 2018 11:45 PM IST
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एबीवीपी ने इंग्लिश मीडियम स्कूलों के खिलाफ मोर्चा खोला
सहारनपुर। इंग्लिश मीडियम स्कूल संचालकों की मनमानी के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सामने आई है। बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट पहुंचे विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों ने डीएम की गैर मौजूदगी में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें स्कूलों की मनमानी पर नकेल कसने और स्कूलों में शुल्क का विनियमन विधेयक 2017 लागू कराने समेत अनेक मांगें की गई हैं।
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संगठन कार्यकर्ताओं के साथ कलक्ट्रेट पहुंची प्रदेश सह मंत्री नेहा कांबोज ने बताया कि सीबीएसई और आईसीएसई से संबद्ध ज्यादातर स्कूल मनमाने तरीके से फीस वृद्धि कर रहे हैं। किताबों, यूनिफार्म और स्टेशनरी की बिक्री में कमीशनखोरी की खेल जारी है। स्कूलों ने खास दुकानों के साथ सेटिंग की हुई है। अभिभावकों पर उन्हीं दुकानों से किताबें और यूनिफार्म खरीदने का दबाव बनाया जाता है। जबकि अनेक स्कूल अपने यहीं से किताबें महंगे दाम में बेच रहे हैं। मगर प्रशासन चाहकर भी स्कूलों की मनमानी पर नकेल नहीं लगा पा रहा है। इसकी वजह से आम आदमी परेशान है। यदि स्कूल संचालकों ने मनमानी बंद नहीं की तो संगठन छात्र और अभिभावकों के हित में आंदोलन करने को बाध्य होगा। यह आंदोलन केवल जनपद स्तर पर नहीं प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर भी हो सकता है। ज्ञापन सौंपने वालों में सन्नी सैनी, अंकित सैनी, श्रेय गौड़, रजत कुमार, मानसी कंसल, रजत माहेश्वरी, गौरव शर्मा, एकांक्षी गर्ग, आशुतोष शुक्ला, करिश्मा गोयल, राजेंद्र कुमार, विक्की पंवार, विकास, रजनी, वासु, सुरभि, कमल दीप, आशु, कार्तिक, विपिन, विशाल, देव, अंकुर आदि शामिल रहे।
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संगठन की प्रमुख मांग
- स्कूलों पर शुल्क विनियमन विधेयक 2017 लागू कराया जाए।
- सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें लगें और एक ही पाठ्यक्रम हो।
- ट्रांसपोर्ट शुल्क किलोमीटर के हिसाब से तय किया जाए।
- शिक्षा का अधिकार कानून का कड़ाई से पालन कराया जाए।
- गैर मान्यता प्राप्त कोचिंग सेंटर पर कार्रवाई हो।
- स्कूलों में पढ़ाने की बजाय ट्यूशन देकर पैसा कमाने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई हो।
- प्रत्येक स्कूल में शिक्षक अभिभावक समन्वय समिति बने।
- फीस, यूनिफार्म और किताबों की बिक्री में मनमानी बंद हो।
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