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मुहब्बत के रंग, होली के संग

Thu, 01 Mar 2018 12:13 AM IST
Updated Thu, 01 Mar 2018 12:13 AM IST
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मुहब्बत के रंग, होली के संग
सहारनपुर। होली पर्व को लेकर लोगों में भारी उत्साह है। अलग-अलग तरीकों से होली मनाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। विभिन्न जगहों पर कार्यक्रम आयोजित होने के साथ विधि विधान से पूजा अर्चना के बाद होलिका दहन होगा।
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होली पर्व प्यार, उल्लास और प्रेम का पर्व है। इस दिन एक-दूसरे के प्रति मनमुटाव दूर कर दुश्मन भी गले मिल जाते हैं। बृहस्पतिवार की शाम होलिका दहन होगा और शुक्रवार को रंगो की होली खेली जाएगी। लोगों में पर्व को लेकर भारी उत्साह है। महानगर में विभिन्न जगहों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। किसी ने रंगों से तो किसी ने फूलों और पानी से होली खेलने की तैयारी की है। विभिन्न कॉलोनियों में सामूहिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। ढोल-नगाड़ों की थाप पर होली के लोक गीत गाए जाएंगे। वहीं, युवा वर्ग डीजे सिस्टम की धुन पर नाचते गाते होली मनाना चाहते हैं। इसको लेकर डीजे संचालकों की बुकिंग भी फूल हो गई है। जनपद में विधि-विधान के साथ विभिन्न जगहों पर होलिका दहन होगा। दिनभर होलिका की पूजा-अर्चना होगी। उसके बाद शाम के समय होलिका को अग्नि दी जाएगी। उधर, बाजारों में रंगों, पिचकारियों, गुझियों, पापड़, कचरी, नमकीन और विभिन्न मिठाईयों की लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं।
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ऐसे करें होलिका का पूजन
सहारनपुर। होलिका में अग्नि लगाने से पूर्व होली का पूजन करने का विधान है। जातक को पूजा करते समय पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बैठना चाहिए। पूजन करने के लिए माला, रोली, पुष्प, कच्चा सूत, गुड़, साबुत हल्दी, मूंग, बताशे, गुलाल, नारियल, पांच प्रकार के अनाज, एक लोटा जल रखना चाहिए। उसके बाद होलिका के चारों ओर परिक्रमा करते हुए पूजन करें।
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होलिका दहन से पूर्व किया भूमि पूजन
सहारनपुर। होलिका दहन से पूर्व महिलाओं ने भूमि पूजन किया। गांधी पार्क मैदान में एकत्र हुई महिलाओं ने दही, लस्सी, फूल, जल, दूध और बताशों के साथ भूमि पूजन किया। गुरुद्वारा रोड निवासी संगीता, ममता, नारायणी, रानी ने बताया कि होलिका दहन से पूर्व हर वर्ष यह पूजन किया जाता है। ताकि विभिन्न जगहों पर होने वाले होलिका दहन पर धरती ना झुलसे। प्राचीन काल से यह प्रथा चली आ रही है।
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