{"_id":"5a2ade9c4f1c1b79548c2589","slug":"41512758940-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मरीजों को ऑटोमैटिक पैथोलॉजी लैब की सौगात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मरीजों को ऑटोमैटिक पैथोलॉजी लैब की सौगात
Updated Sat, 09 Dec 2017 12:22 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। जिला अस्पताल परिसर स्थित टीबी सैनेटोरियम में अत्याधुनिक उपकरणों से लैस ऑटोमैटिक पैथोलॉजी लैब का उद्घाटन जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजेश कुमार जैन ने किया। लैब बनने के बाद अब मरीजों को विभिन्न जांचों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
टीबी सैनेटोरियम के चिकित्साधिकारी डॉ. केपी श्रीवास्तव ने बताया कि टीबी सैनेटोरियम में पूरे जनपद के मरीज अपने इलाज के लिए दवा लेने और भर्ती होने आते हैं। अभी तक उनको जांच के लिए निजी पैथोलॉजी लैब में भटकना होता था। मगर अब ऐसा नहीं होगा। अब बलगम, हिमेटोलॉजी, बायोकैमिस्ट्री, सीरोलॉजी, इलेक्ट्रोलाइट और तीन महीने की शुगर आदि की जांच ऑटोमैटिक मशीन से हो सकेगी। इस मौके पर एमपी सिंह चावला, शंकर मेहरा, गौरी शंकर, अंकित त्यागी, दीपा गौतम, मनदीप सिंह, मुकेश कुमार, देवेंद्र बंसल आदि मौजूद रहे।
राजरानी की आंखों से रोशन हुई दो की जिंदगी
सहारनपुर। नुमाइश कैंप निवासी 75 वर्षीय राजरानी का पांच दिसंबर को निधन हो गया था। उनके पुत्र रघुवीर ने रोशनी आई बैंक एवं धर्मार्थ चिकित्सालय को फोन कर अपनी मां के नेत्रदान करने की पेशकश की थी। इसके बाद डॉ. एसके गुप्ता और डॉ. अशोक जैन ने मौके पर पहुंचकर राजरानी की आंखों का कॉर्निया लेकर हिमालयन इंस्टीट्यूट जौलीग्रांट भेजा था। वहां सात दिसंबर को दो दृष्टिहीन लोगों को राजरानी की आंखों को कॉर्निया लगाया गया, जिसके बाद दोनों की जिंदगी रोशन हुई। रोशनी आई बैंक अभी तक 584 आंखों प्राप्त कर चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
टीबी सैनेटोरियम के चिकित्साधिकारी डॉ. केपी श्रीवास्तव ने बताया कि टीबी सैनेटोरियम में पूरे जनपद के मरीज अपने इलाज के लिए दवा लेने और भर्ती होने आते हैं। अभी तक उनको जांच के लिए निजी पैथोलॉजी लैब में भटकना होता था। मगर अब ऐसा नहीं होगा। अब बलगम, हिमेटोलॉजी, बायोकैमिस्ट्री, सीरोलॉजी, इलेक्ट्रोलाइट और तीन महीने की शुगर आदि की जांच ऑटोमैटिक मशीन से हो सकेगी। इस मौके पर एमपी सिंह चावला, शंकर मेहरा, गौरी शंकर, अंकित त्यागी, दीपा गौतम, मनदीप सिंह, मुकेश कुमार, देवेंद्र बंसल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
राजरानी की आंखों से रोशन हुई दो की जिंदगी
सहारनपुर। नुमाइश कैंप निवासी 75 वर्षीय राजरानी का पांच दिसंबर को निधन हो गया था। उनके पुत्र रघुवीर ने रोशनी आई बैंक एवं धर्मार्थ चिकित्सालय को फोन कर अपनी मां के नेत्रदान करने की पेशकश की थी। इसके बाद डॉ. एसके गुप्ता और डॉ. अशोक जैन ने मौके पर पहुंचकर राजरानी की आंखों का कॉर्निया लेकर हिमालयन इंस्टीट्यूट जौलीग्रांट भेजा था। वहां सात दिसंबर को दो दृष्टिहीन लोगों को राजरानी की आंखों को कॉर्निया लगाया गया, जिसके बाद दोनों की जिंदगी रोशन हुई। रोशनी आई बैंक अभी तक 584 आंखों प्राप्त कर चुका है।
विज्ञापन