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कम मानदेय में परिवार चलाना असंभव : पारूल
Updated Sat, 11 Nov 2017 12:22 AM IST
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कम मानदेय में परिवार चलाना असंभव : पारूल
देवबंद (सहारनपुर)। मानदेय बढ़ाने तथा राज्य कर्मचारी का दर्जा दिलाने समेत अन्य मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की हड़ताल जारी है। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने शनिवार को देवीकुंड पर धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की ब्लाक अध्यक्ष पारूल राय ने कहा कि मांगों को लेकर संघ के बैनर तले चल रही हड़ताल शुक्रवार को 18 दिन भी जारी रही। लेकिन सरकार के कानों पर अभी तक जूं नहीं रेंगी है। जबकि आंगनबाड़ी कर्मचारी कम मानदेय में परिवार की गुजर बसर करने को मजबूर हैं। पारूल ने कहा कि सरकार उनसे अन्य काम भी ले रही है। लेकिन उनकी मांगों के प्रति गंभीर नहीं है। बरखा, डोली, उषा और शशी ने कहा कि जब तक शासन प्रशासन उनकी मांगे पूरी नहीं करेगा वह कार्य का बहिष्कार रखेंगी। कहा कि सरकार जितना उन्हें मानदेय दे रही है, उससे घर चला पाना असंभव है। सरिता, संतलेश, मिसरा, सिया व संतोष ने कहा कि सभी कार्यकर्ता अपने हक के लिए लड़ रही है। अन्य प्रदेशों में आंगनबाड़ी कर्मचारी को छह से सात हजार रुपये मानदेय मिलता है, जबकि यूपी सरकार महज चार हजार रुपये दे रही है। इतने कम मानदेय में घर खर्च चलाना मुश्किल है। उन्होंने कर्मचारियों से 11 नवंबर के धरना प्रदर्शन में पहुंचने का आह्वान किया। इस मौके पर बबीता, राजकली, ईश्वरी, बबली, मोहरकली, गुलिस्ता, सुनीता, पूजा, नीलिमा आदि मौजूद रही।
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देवबंद (सहारनपुर)। मानदेय बढ़ाने तथा राज्य कर्मचारी का दर्जा दिलाने समेत अन्य मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की हड़ताल जारी है। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने शनिवार को देवीकुंड पर धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की ब्लाक अध्यक्ष पारूल राय ने कहा कि मांगों को लेकर संघ के बैनर तले चल रही हड़ताल शुक्रवार को 18 दिन भी जारी रही। लेकिन सरकार के कानों पर अभी तक जूं नहीं रेंगी है। जबकि आंगनबाड़ी कर्मचारी कम मानदेय में परिवार की गुजर बसर करने को मजबूर हैं। पारूल ने कहा कि सरकार उनसे अन्य काम भी ले रही है। लेकिन उनकी मांगों के प्रति गंभीर नहीं है। बरखा, डोली, उषा और शशी ने कहा कि जब तक शासन प्रशासन उनकी मांगे पूरी नहीं करेगा वह कार्य का बहिष्कार रखेंगी। कहा कि सरकार जितना उन्हें मानदेय दे रही है, उससे घर चला पाना असंभव है। सरिता, संतलेश, मिसरा, सिया व संतोष ने कहा कि सभी कार्यकर्ता अपने हक के लिए लड़ रही है। अन्य प्रदेशों में आंगनबाड़ी कर्मचारी को छह से सात हजार रुपये मानदेय मिलता है, जबकि यूपी सरकार महज चार हजार रुपये दे रही है। इतने कम मानदेय में घर खर्च चलाना मुश्किल है। उन्होंने कर्मचारियों से 11 नवंबर के धरना प्रदर्शन में पहुंचने का आह्वान किया। इस मौके पर बबीता, राजकली, ईश्वरी, बबली, मोहरकली, गुलिस्ता, सुनीता, पूजा, नीलिमा आदि मौजूद रही।
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