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दुनिया जानेगी गुलिस्ता के उजाले की कहानी
Updated Mon, 30 Oct 2017 12:43 AM IST
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सहारनपुर। स्वयं सेवी संस्था क्रेजीग्रीन पिछले कई वर्षों से दृष्टिहीन बच्चों की आंखों में रोशनी लाकर उनकी जिंदगी को रोशन कर रही है। ऐसी ही एक बच्ची है गुलिस्ता, जिसपर मुंबई में एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनने जा रही है। फिल्म का निर्माण क्रेजीग्रीन और आश्रय फाउंडेशन बड़ौदा संयुक्त रूप से कर रहे हैं। इसे लेकर संस्था सदस्य उत्साहित हैं।
संस्था निदेशक अजय सिंघल ने बताया कि समाज में अंधेपन को लेकर अनेक भ्रांतियां हैं, जिसकी वजह से ज्यादातर लोग अंधेपन का इलाज नहीं कराते हैं। इससे जीवन अंधकारमय ही रहता है। मगर यदि चाइल्ड कैटरेक्ट के कारण अंधे हुए बच्चों को समय से इलाज मिल जाए तो उनकी जिंदगी रंगहीन से रंगीन हो जाए। ऐसी ही एक बच्ची गुलिस्ता थी, जिसने आंखें मिलने के बाद फिर से देखना शुरू किया। गुलिस्ता पर गुलिस्ता-उजाले की ओर नाम से फिल्म बन रही है, जो समाज को मोतियाबिंद के प्रति जागरूक करने का काम करेगी। बताया कि इस किरदार को संस्था के वालंटियर निभा रहे हैं। फिल्म की शूटिंग के लिए मुंबई से टीम आई है, जो यहां चार दिन रहकर शूटिंग करेगी।
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संस्था निदेशक अजय सिंघल ने बताया कि समाज में अंधेपन को लेकर अनेक भ्रांतियां हैं, जिसकी वजह से ज्यादातर लोग अंधेपन का इलाज नहीं कराते हैं। इससे जीवन अंधकारमय ही रहता है। मगर यदि चाइल्ड कैटरेक्ट के कारण अंधे हुए बच्चों को समय से इलाज मिल जाए तो उनकी जिंदगी रंगहीन से रंगीन हो जाए। ऐसी ही एक बच्ची गुलिस्ता थी, जिसने आंखें मिलने के बाद फिर से देखना शुरू किया। गुलिस्ता पर गुलिस्ता-उजाले की ओर नाम से फिल्म बन रही है, जो समाज को मोतियाबिंद के प्रति जागरूक करने का काम करेगी। बताया कि इस किरदार को संस्था के वालंटियर निभा रहे हैं। फिल्म की शूटिंग के लिए मुंबई से टीम आई है, जो यहां चार दिन रहकर शूटिंग करेगी।
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