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मकान गिरने से मलबे में दबी बच्चियों को सुरक्षित निकाले
Updated Thu, 07 Sep 2017 12:25 AM IST
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लखनौती (सहारनपुर)। तीन दिनों की वर्षा के बाद निकली तेज धूप ने कच्चे मकानों पर कहर बरपा दिया है। लखनौती में तीन कच्चे मकान ढह गए, जिसके नीचे दो मासूम बच्ची दब गई। ग्रामीणों ने दोनों को मलबे से निकालकर सीएचसी में भर्ती कराया।
गंगोह कोतवाली के गांव में सुबह मेहरबान के कच्चे मकान की छत गिर गई। उस समय मेहरबान और उसकी पत्नी घर के बाहर के हिस्से में थे जबकि कमरे में उनकी दोनों बच्चियां खेल रही थी। छत गिरने से कहकशां (7) और सोनी (8) उसके नीचे दब गई। मेहरबान और उसकी पत्नी की आवाज सुनकर पड़ोस से काफी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हुए। उन्होंने दोनों को मलबे से बाहर निकाला और अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उन्हें खतरे से बाहर बताया। इसके अलावा गांव के तैमूर एवं मुकीम का मकान और मोहसिन, गय्यूर, नजफ सगीरा, मतलूब और अब्दुल खालिक के कच्चे मकान की दीवारें ढह गई। गनीमत यह रही कि इनमें कोई हताहत नहीं हुआ। शफीक कुरैशी, साबिर कुरैशी, इसहाक कुरैशी, मिर्जा राशिद, मिर्जा काल्लू, फुरकान अहमद समेत पीड़ितों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की।
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गंगोह कोतवाली के गांव में सुबह मेहरबान के कच्चे मकान की छत गिर गई। उस समय मेहरबान और उसकी पत्नी घर के बाहर के हिस्से में थे जबकि कमरे में उनकी दोनों बच्चियां खेल रही थी। छत गिरने से कहकशां (7) और सोनी (8) उसके नीचे दब गई। मेहरबान और उसकी पत्नी की आवाज सुनकर पड़ोस से काफी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हुए। उन्होंने दोनों को मलबे से बाहर निकाला और अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उन्हें खतरे से बाहर बताया। इसके अलावा गांव के तैमूर एवं मुकीम का मकान और मोहसिन, गय्यूर, नजफ सगीरा, मतलूब और अब्दुल खालिक के कच्चे मकान की दीवारें ढह गई। गनीमत यह रही कि इनमें कोई हताहत नहीं हुआ। शफीक कुरैशी, साबिर कुरैशी, इसहाक कुरैशी, मिर्जा राशिद, मिर्जा काल्लू, फुरकान अहमद समेत पीड़ितों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की।
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