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कई रोगों से धान की फसल को बचा सकता है बीज शोधन
Updated Sat, 26 May 2018 12:36 AM IST
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कई रोगों से धान की फसल को बचा सकता है बीज शोधन
सहारनपुर। नर्सरी लगाते समय बीज शोधन कर लिया जाए तो धान की फसल को कई रोगों से बचाया जा सकता है। इससे न सिर्फ धान का उत्पादन बढ़ता है बल्कि लागत में भी कमी आती है।
उप निदेशक कृषि राजीव कुमार ने बताया कि किसी भी फसल की बुआई से पूर्व बीज शोधन करना बेहद जरूरी है। इससे बीज जनित रोगों विशेषकर बीज गलन, पौध गलन, बकानी रोग आदि की रोकथाम हो जाती है। बीज शोधन से रोगों से बचाव के साथ ही जहां फसल की लागत घटती है वहीं उत्पादन में भी 20 प्रतिशत तक का इजाफा हो सकता है। उन्होंने बताया कि बीज शोधन करने के लिए सबसे पहले 40 लीटर क्षमता वाली ड्रम में 15 लीटर पानी डाल लें और इसमें 15 किलो बीज को भिगो दें। इसे 20 मिनट तक हिलाने के बाद संक्रमित एवं खराब बीज ऊपर तैरने लगेंगे। तैरने वाले बीज को अलग कर बाकी बीज को साफ पानी से दो से तीन पर धोकर छाया में सुखा लें। इसके बाद बीज को दो ग्राम कार्बेन्डाजियम 50 प्रतिशत, मैंकोजेब, 25 प्रतिशत स्प्रिंट फफूंदी नाशी का पानी में घोलकर बीज का शोधित करना चाहिए। उन्होंने बताया कि निमिटोड सूत्र कृमि और भूमि जनित रोग से नर्सरी को बचाने के लिए नर्सरी वाली भूमि को पॉलिथीन से एक सप्ताह तक ढंग कर रखना फायदेमंद रहता है।
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सहारनपुर। नर्सरी लगाते समय बीज शोधन कर लिया जाए तो धान की फसल को कई रोगों से बचाया जा सकता है। इससे न सिर्फ धान का उत्पादन बढ़ता है बल्कि लागत में भी कमी आती है।
उप निदेशक कृषि राजीव कुमार ने बताया कि किसी भी फसल की बुआई से पूर्व बीज शोधन करना बेहद जरूरी है। इससे बीज जनित रोगों विशेषकर बीज गलन, पौध गलन, बकानी रोग आदि की रोकथाम हो जाती है। बीज शोधन से रोगों से बचाव के साथ ही जहां फसल की लागत घटती है वहीं उत्पादन में भी 20 प्रतिशत तक का इजाफा हो सकता है। उन्होंने बताया कि बीज शोधन करने के लिए सबसे पहले 40 लीटर क्षमता वाली ड्रम में 15 लीटर पानी डाल लें और इसमें 15 किलो बीज को भिगो दें। इसे 20 मिनट तक हिलाने के बाद संक्रमित एवं खराब बीज ऊपर तैरने लगेंगे। तैरने वाले बीज को अलग कर बाकी बीज को साफ पानी से दो से तीन पर धोकर छाया में सुखा लें। इसके बाद बीज को दो ग्राम कार्बेन्डाजियम 50 प्रतिशत, मैंकोजेब, 25 प्रतिशत स्प्रिंट फफूंदी नाशी का पानी में घोलकर बीज का शोधित करना चाहिए। उन्होंने बताया कि निमिटोड सूत्र कृमि और भूमि जनित रोग से नर्सरी को बचाने के लिए नर्सरी वाली भूमि को पॉलिथीन से एक सप्ताह तक ढंग कर रखना फायदेमंद रहता है।
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