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मजहब के नाम पर सियासत या हिंसा कबूल नहीं: मदनी
Updated Mon, 26 Feb 2018 11:57 PM IST
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आस्ट्रिया में उठाएंगे रोहिंग्या मुस्लिमों का मुद्दा : मदनी
देवबंद (सहारनपुर)। जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष और दारुल उलूम के शेखुल हदीस मौलाना सैय्यद अरशद मदनी ने कहा कि आस्ट्रिया के वियाना में शुरू हुई तीन दिवसीय कांफ्रेंस में रोहिंग्या मुस्लिमों का मुद्दा भी उठाया जाएगा। पहले भी संयुक्त राष्ट्र में मांग उठाते हुए इस मसले का हल निकालने की मांग की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि म्यांमार में जो कुछ भी हो रहा है, वह मजहब के नाम पर ही हो रहा है। 26 से 28 फरवरी तक कांफ्रेंस में मजहब के नाम पर हो रही हिंसा की घटनाओं पर मंथन किया जाएगा। इसमें हिंदुस्तान के साथ ही पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और चीन आदि मुल्कों से लोग शिरकत करेंगे।
आस्ट्रिया में कांफ्रेंस में पहुंचे मदनी ने यहां दूरभाष पर बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि करीब 12 लाख लोगों ने बांग्लादेश में पनाह ले रखी है। यह मामूली बात नहीं है। मदनी ने कहा कि उन्होंने बांग्लादेश का दौरा किया है। वे उन शिविरों में भी गए हैं जहां मजलूम रोहिंग्या मुस्लिम पनाह लिए हुए हैं। उनकी जिंदगी बद से बदतर है। मौलाना मदनी ने कहा कि हिंदुस्तान में जहां कहीं भी इस तरह की घटनाएं होती हैं, हम उसके खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए राष्ट्रीय एकता का संदेश देते हैं। नफरत का जवाब नफरत नहीं हो सकता। जैसे आग को आग से नहीं बुझाया जा सकता है। अगर हमें मुल्क को तरक्की के रास्ते पर ले जाना है तो फिर उसके लिए नफरत नहीं बल्कि प्यार को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि जो पैगाम हमारा हिंदुस्तानियों के लिए है, वही पैगाम हमारा पूरी दुनिया के लोगों के लिए है कि इंसान एक दूसरे की इज्जत करे।
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देवबंद (सहारनपुर)। जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष और दारुल उलूम के शेखुल हदीस मौलाना सैय्यद अरशद मदनी ने कहा कि आस्ट्रिया के वियाना में शुरू हुई तीन दिवसीय कांफ्रेंस में रोहिंग्या मुस्लिमों का मुद्दा भी उठाया जाएगा। पहले भी संयुक्त राष्ट्र में मांग उठाते हुए इस मसले का हल निकालने की मांग की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि म्यांमार में जो कुछ भी हो रहा है, वह मजहब के नाम पर ही हो रहा है। 26 से 28 फरवरी तक कांफ्रेंस में मजहब के नाम पर हो रही हिंसा की घटनाओं पर मंथन किया जाएगा। इसमें हिंदुस्तान के साथ ही पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और चीन आदि मुल्कों से लोग शिरकत करेंगे।
आस्ट्रिया में कांफ्रेंस में पहुंचे मदनी ने यहां दूरभाष पर बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि करीब 12 लाख लोगों ने बांग्लादेश में पनाह ले रखी है। यह मामूली बात नहीं है। मदनी ने कहा कि उन्होंने बांग्लादेश का दौरा किया है। वे उन शिविरों में भी गए हैं जहां मजलूम रोहिंग्या मुस्लिम पनाह लिए हुए हैं। उनकी जिंदगी बद से बदतर है। मौलाना मदनी ने कहा कि हिंदुस्तान में जहां कहीं भी इस तरह की घटनाएं होती हैं, हम उसके खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए राष्ट्रीय एकता का संदेश देते हैं। नफरत का जवाब नफरत नहीं हो सकता। जैसे आग को आग से नहीं बुझाया जा सकता है। अगर हमें मुल्क को तरक्की के रास्ते पर ले जाना है तो फिर उसके लिए नफरत नहीं बल्कि प्यार को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि जो पैगाम हमारा हिंदुस्तानियों के लिए है, वही पैगाम हमारा पूरी दुनिया के लोगों के लिए है कि इंसान एक दूसरे की इज्जत करे।
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