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दीन से दूर होना मुसलमानों की गुमराही का कारण: तारिक
Updated Sat, 06 Jan 2018 12:17 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। मजलिस इत्तेहाद-ए-मिल्लत के अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती तारिक कासमी ने कहा कि मुसलमानों के गुमराह होने की असल वजह दीन से दूर होना है। जिस दिन मुसलमान दीन के बताए रास्ते पर चलने लगेंगे उनकी परेशानियां दूर हो जाएंगी।
शुक्रवार को मोहल्ला सफेद मस्जिद पर स्थित कार्यालय पर आयोजित हुई बैठक में मुफ्ती तारिक कासमी ने दीन का दामन छोड़ने के कारण आज हम इतना कमजोर हो गए हैं कि इस्लाम के दुश्मन आसानी से हमें अपना शिकार बना रहे हैं, जबकि दूसरी तमाम परेशानियां भी हमें घेरे हुए है। इसके साथ ही इस कमजोरी का फायदा सरकारें उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर चाहते हो कि सरकारें मजहबी मामलों में दखलअंदाजी न करें तो हमें पक्का और सच्चा मुसलमान बनना होगा। मुफ्ती तारिक ने दीन को जीवन में उतारने और जगह जगह दारुल कजा स्थापित किए जाने पर जोर दिया। मजलिस के प्रभारी अथर उस्मानी ने कहा कि सरकार धार्मिक मामलों में लगातार हस्तक्षेप कर रही है। यहां तक की तलाक जैसे मसले पर लोगों को गुमराह कर इस्लाम और मुसलमानों को साजिश के तहत निशाना बनाया जा रहा है। इसलिए वर्तमान में जरूरत इस बात की है कि कौम को दीनी समस्याओं से अवगत कराया जाए ताकि वह किसी भी प्रकार के धोखे से बच सकें। उन्होंने कहा कि मजलिस की ओर से जगह जगह इस्लाही जलसे (समाज सुधारक) का आयोजन कर रही है। ताकि लोगों को जागरूक किया जा सके। अध्यक्षता सैय्यद अकील हुसैन व संचालन मौलाना हस्सान गानिम ने किया। इस मौके पर मास्टर असद, खुर्रम कादरी, अहमद गौड़, सऊद उस्मानी, सैय्यद अकरम काजमी, राहिल उस्मानी, तसलीम कुरैशी आदि मौजूद रहे।
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शुक्रवार को मोहल्ला सफेद मस्जिद पर स्थित कार्यालय पर आयोजित हुई बैठक में मुफ्ती तारिक कासमी ने दीन का दामन छोड़ने के कारण आज हम इतना कमजोर हो गए हैं कि इस्लाम के दुश्मन आसानी से हमें अपना शिकार बना रहे हैं, जबकि दूसरी तमाम परेशानियां भी हमें घेरे हुए है। इसके साथ ही इस कमजोरी का फायदा सरकारें उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर चाहते हो कि सरकारें मजहबी मामलों में दखलअंदाजी न करें तो हमें पक्का और सच्चा मुसलमान बनना होगा। मुफ्ती तारिक ने दीन को जीवन में उतारने और जगह जगह दारुल कजा स्थापित किए जाने पर जोर दिया। मजलिस के प्रभारी अथर उस्मानी ने कहा कि सरकार धार्मिक मामलों में लगातार हस्तक्षेप कर रही है। यहां तक की तलाक जैसे मसले पर लोगों को गुमराह कर इस्लाम और मुसलमानों को साजिश के तहत निशाना बनाया जा रहा है। इसलिए वर्तमान में जरूरत इस बात की है कि कौम को दीनी समस्याओं से अवगत कराया जाए ताकि वह किसी भी प्रकार के धोखे से बच सकें। उन्होंने कहा कि मजलिस की ओर से जगह जगह इस्लाही जलसे (समाज सुधारक) का आयोजन कर रही है। ताकि लोगों को जागरूक किया जा सके। अध्यक्षता सैय्यद अकील हुसैन व संचालन मौलाना हस्सान गानिम ने किया। इस मौके पर मास्टर असद, खुर्रम कादरी, अहमद गौड़, सऊद उस्मानी, सैय्यद अकरम काजमी, राहिल उस्मानी, तसलीम कुरैशी आदि मौजूद रहे।
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