{"_id":"59ce9d624f1c1b71548b5087","slug":"31506712930-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैस पाइप लीक होने से लगी आग, युवक झुलसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गैस पाइप लीक होने से लगी आग, युवक झुलसा
Updated Sat, 30 Sep 2017 01:15 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चिलकाना (सहारनपुर)। घर में रसोई गैस के चूल्हे पर चाय बनाते समय गैस पाइप लीक होने से आग लग गई, जिससे आग से घर का सामान जलकर नष्ट हो गया। चाय बनाने वाला युवक भी बुरी तरह झुलस गया।
शुक्रवार दोपहर सुल्तानपुर कस्बे के मोहल्ला मंदिर जी निवासी विजय उर्फ पप्पू घर में गैस चूल्हे पर चाय बना रहा था। चाय बनाते समय अचानक गैस सिलेंडर का पाइप लीक हो गया और उसने आग पकड़ ली। अचानक लगी आग से विजय उर्फ पप्पू बुरी तरह झुलस गया। पप्पू की मदद की पुकार सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे तथा घर में लगी आग को मुश्किल से बुझाया। आग से घर में रखा सभी सामान जल गया। पड़ोसियों ने एंबुलेंस से पप्पू को सीएचसी भेजा। सीएचसी में किसी डाक्टर के न होने से पप्पू आधा घंटा एंबुलेंस में ही पड़ा रहा। फार्मेसिस्ट तथा अन्य कर्मचारियों ने प्राथमिक चिकित्सा देकर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। गौरतलब है कि सीएसचसी में लंबे समय से कोई डाक्टर नहीं है। किसी भी तरह की दुर्घटना होने पर मरीजों को पहले सीएचसी लाया जाता है, लेकिन डाक्टर के अभाव में जिला अस्पताल भेज दिया जाता है। सीएचसी में डाक्टर न होने की वजह से कई मरीज तो जिला अस्पताल या अन्य अस्पतालों में ले जाते समय उपचार के अभाव में दम तोड़ चुके हैं।
विज्ञापन
शुक्रवार दोपहर सुल्तानपुर कस्बे के मोहल्ला मंदिर जी निवासी विजय उर्फ पप्पू घर में गैस चूल्हे पर चाय बना रहा था। चाय बनाते समय अचानक गैस सिलेंडर का पाइप लीक हो गया और उसने आग पकड़ ली। अचानक लगी आग से विजय उर्फ पप्पू बुरी तरह झुलस गया। पप्पू की मदद की पुकार सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे तथा घर में लगी आग को मुश्किल से बुझाया। आग से घर में रखा सभी सामान जल गया। पड़ोसियों ने एंबुलेंस से पप्पू को सीएचसी भेजा। सीएचसी में किसी डाक्टर के न होने से पप्पू आधा घंटा एंबुलेंस में ही पड़ा रहा। फार्मेसिस्ट तथा अन्य कर्मचारियों ने प्राथमिक चिकित्सा देकर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। गौरतलब है कि सीएसचसी में लंबे समय से कोई डाक्टर नहीं है। किसी भी तरह की दुर्घटना होने पर मरीजों को पहले सीएचसी लाया जाता है, लेकिन डाक्टर के अभाव में जिला अस्पताल भेज दिया जाता है। सीएचसी में डाक्टर न होने की वजह से कई मरीज तो जिला अस्पताल या अन्य अस्पतालों में ले जाते समय उपचार के अभाव में दम तोड़ चुके हैं।
विज्ञापन