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कुंडाकला में तीन दिन में छह रोगियों की मौत
Updated Fri, 25 Aug 2017 01:00 AM IST
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लखनौती (सहारनपुर)। बारिश के मौसम में कुंडाकला में बुखार और अन्य बीमारियों से तीन दिन में ही गर्भवती समेत छह लोगों की मौत हो गई है। इस कारण गांव में दहशत का माहौल है।
गंगोह सीएचसी का सबसे अधिक संवेदनशील गांव कुंडाकला में बुखार के साथ अन्य कई बीमारियां ग्रामीणों को अपना शिकार बना रही हैं। कारी तोफीक की 30 वर्षीय पत्नी रेशमा गर्भवती थी। उसे अचानक बुखार आया। गांव में प्राथमिक इलाज के बाद सहारनपुर रेफर कर दिया जहां उसकी मौत हो गई। गांव के ही यामीन की 32 वर्षीय पुत्री को भी एक सप्ताह पहले बुखार आया था। उसका करनाल में इलाज चल रहा था। उसकी मंगलवार को मौत हो गई। इसके अलावा 55 वर्षीय खैरूदीन को बुखार आ रहा था। बुधवार को उसकी मौत हो गई। 58 वर्षीय नियामत अली को एक सप्ताह पूर्व बुखार हुआ जिसका गंगोह इलाज कराया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। गांव के ही 45 वर्षीय गफ्फार को भी एक पखवाड़े से बुखार आ रहा था। उसका इलाज सहारनपुर में चल रहा था और उसकी भी बुखार से मौत हो गई। वासिद की एक वर्ष की पुत्री को भी बुखार ने अपना शिकार बना लिया।
मसरूर राणा, इब्राहिम, मतलूब, अकबर, वलेदीन, इलियास राना, वासित अली आदि ग्रामीणों का कहना है कि गांव में गंदगी की भरमार है। उन्होंने बताया 20 हजार की आबादी वाले गांव में केवल एक सफाई कर्मी है। ग्रामीणों ने सफाई कर्मी की तैनाती और गांव में कीटनाशक छिड़काव की मांग की है। सीएचसी प्रभारी डॉ. अनवर अंसारी का कहना है कि गांव में टीम भेज कर जांच कराई जायेगी। सफाई कर्मी की तैनाती के लिए डीपीआरओ को लिख गया है।
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गंगोह सीएचसी का सबसे अधिक संवेदनशील गांव कुंडाकला में बुखार के साथ अन्य कई बीमारियां ग्रामीणों को अपना शिकार बना रही हैं। कारी तोफीक की 30 वर्षीय पत्नी रेशमा गर्भवती थी। उसे अचानक बुखार आया। गांव में प्राथमिक इलाज के बाद सहारनपुर रेफर कर दिया जहां उसकी मौत हो गई। गांव के ही यामीन की 32 वर्षीय पुत्री को भी एक सप्ताह पहले बुखार आया था। उसका करनाल में इलाज चल रहा था। उसकी मंगलवार को मौत हो गई। इसके अलावा 55 वर्षीय खैरूदीन को बुखार आ रहा था। बुधवार को उसकी मौत हो गई। 58 वर्षीय नियामत अली को एक सप्ताह पूर्व बुखार हुआ जिसका गंगोह इलाज कराया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। गांव के ही 45 वर्षीय गफ्फार को भी एक पखवाड़े से बुखार आ रहा था। उसका इलाज सहारनपुर में चल रहा था और उसकी भी बुखार से मौत हो गई। वासिद की एक वर्ष की पुत्री को भी बुखार ने अपना शिकार बना लिया।
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मसरूर राणा, इब्राहिम, मतलूब, अकबर, वलेदीन, इलियास राना, वासित अली आदि ग्रामीणों का कहना है कि गांव में गंदगी की भरमार है। उन्होंने बताया 20 हजार की आबादी वाले गांव में केवल एक सफाई कर्मी है। ग्रामीणों ने सफाई कर्मी की तैनाती और गांव में कीटनाशक छिड़काव की मांग की है। सीएचसी प्रभारी डॉ. अनवर अंसारी का कहना है कि गांव में टीम भेज कर जांच कराई जायेगी। सफाई कर्मी की तैनाती के लिए डीपीआरओ को लिख गया है।
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