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3.5 लाख में बने शौचालय की मरम्मत पर 3.75 लाख खर्च

Sun, 03 Jul 2022 11:09 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 03 Jul 2022 11:09 PM IST
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3.75 lakh spent on repair of toilet built in 3.5 lakh
3.5 लाख में बने शौचालय की मरम्मत पर 3.75 लाख खर्च
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सहारनपुर। जिस शौचालय के निर्माण पर लागत 3.5 लाख रुपये आई थी। नगर निगम ने उसकी मरम्मत पर 3.75 लाख रुपये का खर्च दर्शाया है। ऐसे में एजेंसी के कार्यों को लेकर कार्यकारिणी समिति की बैठक में भी सवाल उठ चुके हैं। जिसके बाद महापौर ने जांच बैठा दी है।
नगर निगम में कईं माह से इमरजेंसी के नाम पर करोड़ों रुपये के कार्य कराए गए हैं। इमरजेंसी में होने वाले कार्यों का टेंडर नहीं होता। इसमें अधिकारी अपनी मर्जी के ठेकेदार को कार्यों की जिम्मेदारी दे दी जाती है। कार्यकारिणी समिति के सदस्य पार्षद आशुतोष सहगल ने कार्यकारिणी समिति की बैठक में एजेंसी के कार्यों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने बताया कि एजेंसी के कार्यों में डुप्लीकेसी है। एक ही क्षेत्र में दो फाइलें बना दी गई हैं, जबकि कार्य एक हुआ है। पार्षद शहजाद के क्षेत्र में जो कार्य एजेंसी को दिया गया है उसका टेंडर पहले से हो चुका था। पार्षद का कहना है कि एजेंसी से कार्य कराने की नियमावाली का पालन नहीं किया गया। कुछ खास ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए एजेंसी के कार्य कराए जा रहे हैं। जिस शौचालय को तैयार करने में 3.5 लाख रुपये लगे थे। एजेंसी से उसकी मरम्मत कराई गई है, जिस पर 3.75 लाख रुपये का खर्च दर्शाया गया है। उनकी मांग पर महापौर संजीव वालिया एजेंसी के कार्यों की जांच करा रहे हैं।
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मकान ढाई लाख में, शौचालय पर खर्च दस लाख
पार्षद आशुतोष सहगल का यह भी कहना है कि सरकार गरीबों को मकान देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना चला रही है, जिसमें गरीबों को आवास के लिए ढाई लाख रुपये दे रही है, लेकिन स्वच्छ भारत मिशन के तहत एक-एक शौचालय के निर्माण पर दस दस लाख रुपये खर्च किए गए हैं। मात्र 20 से 25 वर्ग गज भूमि पर बने जिन शौचालयों पर दस लाख का खर्च दिखाया गया है उनकी भी हालत खराब है। इसकी भी जांच की मांग उन्होंने की है।
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एजेंसी के कार्यों को लेकर कार्यकारिणी समिति की बैठक में पार्षदों ने सवाल उठाए थे और जांच कराने की मांग की थी। मामले की जांच कराई जा रही है। यह देखा जाएगा कि जो कार्य पूर्ण दर्शाया गया है वह हुआ भी है या नहीं। इसके अलावा कार्यों की गुणवत्ता भी देखी जाएगी। - संजीव वालिया, महापौर।
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