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तहसील के कमरे में बंद हैं 28 हल्कों के बस्ते, ग्रामीण बेहाल

Sat, 16 Nov 2019 12:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 16 Nov 2019 12:21 AM IST
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28 circles in the tehsil room are closed, the villagers are in distress
नकुड़ (सहारनपुर)। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर तहसील के लेखपालों ने अतिरिक्त सर्किलों का चार्ज गत पांच नवंबर से छोड़ रखा है। इस कारण तहसील क्षेत्र के 28 हल्कों के बस्ते दस दिनों से तहसील कार्यालय के एक कमरे में बंद पड़े हैं। इसकी वजह से इन हल्कों के किसानों को अपने कामों के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
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उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष यशपाल सिंह ने बताया कि नकुड़ तहसील में लेखपालों के कुल 97 पद स्वीकृत हैं, लेकिन यहां पर कुल 71 लेखपाल ही नियुक्त हैं। इनमें से दो लेखपाल निलंबित चल रहे थे। हालांकि ये दोनों लेखपाल बहाल तो हो गए हैं, लेकिन अभी इन्हें हल्कों का चार्ज नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि तहसील में लेखपालों की कमी के चलते 28 हल्कों का अतिरिक्त चार्ज भी तहसील में तैनात लेखपालों को सौंपा हुआ था। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त चार्ज होने के कारण लेखपालों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इसीलिए प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर लेखपालों ने अतिरिक्त चार्ज छोड़ने का निर्णय लेते हुए अतिरिक्त हल्कों के बस्ते पांच नवंबर को तहसीलदार को सौंप दिए थे। तब से यह बस्ते तहसील के एक कमरे में बंद पड़े हैं। इसकी वजह तहसील के हल्का टाबर, शुक्रताल, हुसैनपुर, रोशनपुर, सनोली, साढ़ोली, धलापड़ा, सरसावा नगर, कुंडा, ढिक्काकला, मोहनपुरा, तिगरी रामगढ़ आदि 28 हल्कों के किसानों को अपने कार्य कराने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। बताया जाता है कि नकुड़ में पिछले कई वर्षों से कभी भी लेखपालों की तैनाती पूर्ण नहीं रही है। इस कारण लेखपालों को अतिरिक्त चार्ज देकर ही काम चलाया जाता रहा है, लेकिन अबकी बार लेखपाल संघ ने प्रदेश भर में अतिरिक्त चार्ज को छोड़ने का मन बना लिया है।
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लेखपाल संघ के अध्यक्ष यशपाल सिंह ने बताया कि प्रदेश भर में लेखपालों पर पहले से ही काम का बोझ है। उल्टा उन्हें अतिरिक्त चार्ज देकर उनका शोषण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 20 से 40 किलोमीटर तक लेखपाल पर चार्ज है परंतु साइकिल भत्ता आज भी 100 रुपये महीना ही मिल रहा है। ऐसे में कैसे अपने हल्के के साथ-साथ दूसरे हल्के का कार्य किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों संघ की बैठक में निर्णय लिया गया कि अतिरिक्त चार्ज को छोड़कर ही केवल अपने क्षेत्र का ही कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त चार्ज में एक ओर जहां आने जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, वहीं बाइक आदि से दूर दराज हल्कों में जाने में आर्थिक दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने संघ की एक हल्का एक मांग पर शासन को ध्यान देने की मांग की है।
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इस संबंध में एसडीएम पीएस राणा ने बताया कि इस संबंध में रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। साथ ही लेखपाल संघ के पदाधिकारियों से उच्च स्तर पर वार्ता जारी है। जल्द ही समस्या का समाधान होने की संभावना है।
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