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कांग्रेस हिम्मत दिखाती तो नहीं होती मुस्लिम महिलाओं की दुर्दशा-----

Thu, 20 Sep 2018 12:14 AM IST
Updated Thu, 20 Sep 2018 12:14 AM IST
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कांग्रेस हिम्मत दिखाती तो नहीं होती मुस्लिम महिलाओं की दुर्दशा-----
सहारनपुर। ट्रिपल तलाक को लेकर 2015 में सुप्रीम कोर्ट में पीएल दाखिल करने वाली अधिवक्ता फरहा फैज का कहना है कि 1986 में सायराबानों केस में कांग्रेस हिम्मत दिखाती तो मुस्लिम महिलाओं की यह दुर्दशा नहीं होती। तीन तलाक को मोदी कैबिनेट मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी दिए जाने के बाद मुस्लिम महिलाओं को अब सम्मान से जीने का हक मिल जाएगा। मुस्लिम महिलाओं के लिए आज का दिन ईद से कम नहीं है। इस कानून के बाद करीब तीन तलाक के 99 प्रतिशत मामलों में अंकुश लगेगा। पेश है, फरहा फैज से अमर उजाला से हुई बातचीत के कुछ अंश।
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सवाल-तीन तलाक पर कानून बनने के बाद मुस्लिम महिलाओं को कितना फायदा होगा।
फरहा-मुस्लिम विरोधी टैग लगा होने के बाद मोदी सरकार ने तीन तलाक पर कानून लाकर मुस्लिम महिलाओं को सम्मान के साथ जीने का हक दिया है। पहले तीन बार तलाक देने के बाद आरोपी पकड़ में नहीं आते थे। ट्रिपल तलाक कानून लागू होने के बाद अब उनके खिलाफ एफआईआर कराने के साथ तीन साल तक की सजा दिलाई जा सकेगी। देश भर में हजारों लड़कियां मजबूर और ज्यादती का शिकार हैं। मोदी सरकार के इस फैसले से मुस्लिम महिलाओं में खुशी का माहौल है। उन्होंने कहा कि यह कानून अल्लाह के इस्लाम की फतह और मुल्लों के इस्लाम के शिकस्त हैं।
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सवाल--आप तो कंपलीट फैमिली एक्ट की पक्षधर रही हैं। मुस्लिम समाज में बहु विवाह, निकाह हवाला, गुजारा भत्ता पर अब क्या रुख रहेगा।
फरहा-तीन तलाक के अध्यादेश को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी यह पहली जीत है। यह लड़ाई अभी थमने वाली नहीं है। बहु विवाह और निकाह हवाला पर संघर्ष की तैयारी है। कट्टर पंथी मुल्लाओं ने ट्रिपल तलाक की इस पूरी मुहिम को नाकाम करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी। धमकी देने के साथ उन पर जान लेवा हमला भी कराया।
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सवाल-विपक्ष तीन तलाक के अध्यादेश को भाजपा का राजनीतिक स्टंट बता रहा है।
जवाब-आज बीजेपी ने मुस्लिम महिलाओं के हितों को सुरक्षित किया तो निसंदेह उसका क्रेडिट भी उसी को ही मिलेगा। 1986 में सायराबानो केस में कांग्रेस को यह मौका मिला था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने मुस्लिम पर्सनल लॉ के दबाव में मुस्लिम महिलाओं के हितों की अनदेखी की। अब विरोध अथवा चिल्लाने से क्या फायदा। कांग्रेस यह कदम उठाती तो यह गेंद भाजपा के पाले में नहीं जाती।

सवाल-कहा जाता है कि ट्रिपल तलाक पर राष्ट्रीय स्वयं संघ प्रमुख मोहन भागवत से गाइड लाइन मिलती रही है।
फरहा--सही कहा आपने। राष्ट्रवादी मुस्लिम महिला संघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाते अनेक बार संघ प्रमुख मोहन भागवत का सानिध्य मिला है। उनके बताए मूल मंत्रों पर चलकर तीन तलाक पर यह जीत हासिल हुई हैं।
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