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जोखिम भरा है सहारनपुर की सड़कों पर सफर
Updated Fri, 07 Sep 2018 12:01 AM IST
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सहारनपुर। बरसात के बाद जिले की सड़कों पर सफर करना किसी जोखिम से कम नहीं है। टूटी सड़कों की वजह से हायर सेंटर रेफर होने वाले मरीज को भी समय से उपचार नहीं मिल रहा है। 90 से 95 मिनट में सहारनपुर से देहरादून का सफर तय करने वाले एंबुलेंस चालकों को तीन घंटे का समय लग रहा है। चंडीगढ़ जाने वाले मरीजों का दर्द भी इससे अलग नहीं है। इन गड्ढों की वजह से कई लोग अपनी जिंदगी गंवा चुके हैं।
जिले की प्रमुख सड़कों का यह हाल तब है, जब प्रदेश सरकार की प्राथमिकता वाले अभियान के तहत प्रशासन ने सड़कों को पूरी तरह गड्ढा मुक्त किए जाने का दावा किया था। बरसात के बाद यह गड्ढे अब जान लेवा बन गए हैं। दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर सड़क कम गड्ढे ज्यादा हैं। यही हालत अंबाला हाईवे की है। शहर से लेकर हरियाणा की सीमा तक सड़क पूरी तरह खस्ताहाल हो चुकी है। देहरादून हाईवे पर उत्तराखंड की सीमा डाट काली मंदिर तक सड़क में गड्ढे नहीं बल्कि गड्ढों में सड़क है। मुख्य मार्गों के अलावा शहर की सड़कों की हालत भी खस्ता है। कोर्ट रोड, जेवी जैन डिग्री कॉलेज रोड, मल्हीपुर रोड, चिलकाना रोड, खलासी लाइन मार्ग, गुरुद्वारा रोड, बाजोरिया रोड, गंगोह रोड पर सड़क में बने गड्ढे के कारण चलना मुश्किल हो गया है। टूटी सड़कों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
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केस-1- गंगोह मार्ग पर मानकमऊ में गड्ढे के कारण बाइकों की भिड़ंत हुई थी, जिसमें एक युवक की जान गई थी।
केस-2- रविवार को मल्हीपुर रोड पर गड्ढे के चलते पिकअप वाहन पलट गया था। अंबेहटा चांद निवासी चालक राजेश कुमार घायल हुआ।
केस-3- मंगलवार की रात सरसावा क्षेत्र में गड्ढे की वजह से ट्रैक्टर-ट्राली पलट गई थी, जिसमें कोतवाली देवबंद के गांव गोपाली निवासी चालक इरशाद की मौत हो गई थी।
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केस-4- बृहस्पतिवार को गड्ढे को बचाने के चक्कर में देहरादून रोड पर अज्ञात वाहन ने स्कूटी में टक्कर मार दी। हादसे में माहिपुरा निवासी मेहरबान अली और उनका सात वर्षीय पोता साहिल घायल हुआ। -----------------------------------
सड़कों की हालत सुधर नहीं पाई है। टूटी सड़कों के कारण चलना मुश्किल हो गया है। गड्ढों के कारण सड़क पर चलते हुए डर लगता है। दो माह पहले बनी ही सड़कें ही खस्ताहाल हो चुकी हैं। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।---------विेंद्र बहल, हकीकतनगर निवासी
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सरकार कोई भी रही हो, लेकिन जनपद की सड़कों की हालत कभी ठीक नहीं हो पाई। बनने के कुछ दिन बाद ही सड़कें टूट जाती हैं। बरसात के दिनों में हालत ज्यादा खराब हो गई है। सहारनपुर की सड़कों पर सफर करना खतरे से खाली नहीं है।-------प्रवीन खुराना, चर्च कम्पाउंड निवासी
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मरीजों को हायर सेंटर ले जाने में काफी दिक्कत आ रही है। सहारनपुर से देहरादून रेफर किए जाने वाले मरीज को वह एंबुलेंस से 90 मिनट देहरादून पहुंचाता देते थे, लेकिन अब तीन घंटे का समय लग रहा है। इस कारण मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता है। गाड़ियों के टायर भी फट जाते हैं।----शिव, लेबर कॉलोनी निवासी एंबुलेंस चालक
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सड़कों में गड्ढे की वजह से देरी होने पर मरीजों की हालत खराब हो जाती है। चंडीगढ़ जाने में पहले ढाई घंटे का समय लगता था, लेकिन अब साढ़े चार घंटे लग रहे हैं। हरियाणा की सीमा तक सड़कों की हालत बेहद खराब है। ----जोनी, गांव कुरड़ीखेड़ा निवासी एंबुलेंस चालक
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सड़क के निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया जाता है। इसी वजह से सड़क बनते ही टूट जाती हैं। सरकार को सड़क बनवाने वाले विभाग और ठेकेदारों की जांच करानी चाहिए। जिले में कोई भी सड़क गड्ढा मुक्त नहीं है। इसकी शिकायत वह शासन को करेंगे।----शिव नंदन पाठक, कपिल विहार निवासी
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शहर और हाईवे की सड़कों की हालत बेहद खराब है। वह रोजाना जेवी जैन डिग्री कॉलेज से निकलते हैं। सड़क में दो फिट गहरे गड्ढे हैं। यही हाल दिल्ली रोड का है। इन दिनों मार्गों से बड़ी संख्या में रोजाना स्कूली बच्चे सफर करते हैं। सड़कों पर सफर करना जोखिम भरा है। जिले को गड्ढा मुक्त बनाने का दावा हवाई साबित हुआ है।-------एमके रोहिला, विनोद विहार निवासी
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टूटी सड़कों के लिए नहीं है बजट
सहारनपुर। बरसात जनपद की टूटी सड़कों की मरम्मत के लिए प्रशासन के पास बजट नहीं है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक सड़कों को गड्ढे भरे जाने के लिए लोक निर्माण विभाग बजट का इंतजार कर रहा है, जबकि सड़कों की हालत पूरी तरह खस्ता है। ऐसे में सड़कों की हालत कब ठीक होगी, यह कहना मुश्किल है। कई संगठन सड़कों को दुरुस्त कराए जाने की मांग कर चुके हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता केके त्यागी का कहना है कि बारिश की वजह से सड़कों में गड्ढे हो गए हैं। विभाग सड़कों को ठीक कराए जाने की रूपरेखा तैयार कर रहा है, लेकिन बजट मिलने के बाद ही मरम्मत कार्य शुरू हो पाएगा। टूटी सड़कों को ठीक करने के लिए अभी बजट नहीं मिला है।
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जिले की प्रमुख सड़कों का यह हाल तब है, जब प्रदेश सरकार की प्राथमिकता वाले अभियान के तहत प्रशासन ने सड़कों को पूरी तरह गड्ढा मुक्त किए जाने का दावा किया था। बरसात के बाद यह गड्ढे अब जान लेवा बन गए हैं। दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर सड़क कम गड्ढे ज्यादा हैं। यही हालत अंबाला हाईवे की है। शहर से लेकर हरियाणा की सीमा तक सड़क पूरी तरह खस्ताहाल हो चुकी है। देहरादून हाईवे पर उत्तराखंड की सीमा डाट काली मंदिर तक सड़क में गड्ढे नहीं बल्कि गड्ढों में सड़क है। मुख्य मार्गों के अलावा शहर की सड़कों की हालत भी खस्ता है। कोर्ट रोड, जेवी जैन डिग्री कॉलेज रोड, मल्हीपुर रोड, चिलकाना रोड, खलासी लाइन मार्ग, गुरुद्वारा रोड, बाजोरिया रोड, गंगोह रोड पर सड़क में बने गड्ढे के कारण चलना मुश्किल हो गया है। टूटी सड़कों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
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केस-1- गंगोह मार्ग पर मानकमऊ में गड्ढे के कारण बाइकों की भिड़ंत हुई थी, जिसमें एक युवक की जान गई थी।
केस-2- रविवार को मल्हीपुर रोड पर गड्ढे के चलते पिकअप वाहन पलट गया था। अंबेहटा चांद निवासी चालक राजेश कुमार घायल हुआ।
केस-3- मंगलवार की रात सरसावा क्षेत्र में गड्ढे की वजह से ट्रैक्टर-ट्राली पलट गई थी, जिसमें कोतवाली देवबंद के गांव गोपाली निवासी चालक इरशाद की मौत हो गई थी।
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केस-4- बृहस्पतिवार को गड्ढे को बचाने के चक्कर में देहरादून रोड पर अज्ञात वाहन ने स्कूटी में टक्कर मार दी। हादसे में माहिपुरा निवासी मेहरबान अली और उनका सात वर्षीय पोता साहिल घायल हुआ। -----------------------------------
सड़कों की हालत सुधर नहीं पाई है। टूटी सड़कों के कारण चलना मुश्किल हो गया है। गड्ढों के कारण सड़क पर चलते हुए डर लगता है। दो माह पहले बनी ही सड़कें ही खस्ताहाल हो चुकी हैं। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।---------विेंद्र बहल, हकीकतनगर निवासी
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सरकार कोई भी रही हो, लेकिन जनपद की सड़कों की हालत कभी ठीक नहीं हो पाई। बनने के कुछ दिन बाद ही सड़कें टूट जाती हैं। बरसात के दिनों में हालत ज्यादा खराब हो गई है। सहारनपुर की सड़कों पर सफर करना खतरे से खाली नहीं है।-------प्रवीन खुराना, चर्च कम्पाउंड निवासी
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मरीजों को हायर सेंटर ले जाने में काफी दिक्कत आ रही है। सहारनपुर से देहरादून रेफर किए जाने वाले मरीज को वह एंबुलेंस से 90 मिनट देहरादून पहुंचाता देते थे, लेकिन अब तीन घंटे का समय लग रहा है। इस कारण मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता है। गाड़ियों के टायर भी फट जाते हैं।----शिव, लेबर कॉलोनी निवासी एंबुलेंस चालक
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सड़कों में गड्ढे की वजह से देरी होने पर मरीजों की हालत खराब हो जाती है। चंडीगढ़ जाने में पहले ढाई घंटे का समय लगता था, लेकिन अब साढ़े चार घंटे लग रहे हैं। हरियाणा की सीमा तक सड़कों की हालत बेहद खराब है। ----जोनी, गांव कुरड़ीखेड़ा निवासी एंबुलेंस चालक
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सड़क के निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया जाता है। इसी वजह से सड़क बनते ही टूट जाती हैं। सरकार को सड़क बनवाने वाले विभाग और ठेकेदारों की जांच करानी चाहिए। जिले में कोई भी सड़क गड्ढा मुक्त नहीं है। इसकी शिकायत वह शासन को करेंगे।----शिव नंदन पाठक, कपिल विहार निवासी
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शहर और हाईवे की सड़कों की हालत बेहद खराब है। वह रोजाना जेवी जैन डिग्री कॉलेज से निकलते हैं। सड़क में दो फिट गहरे गड्ढे हैं। यही हाल दिल्ली रोड का है। इन दिनों मार्गों से बड़ी संख्या में रोजाना स्कूली बच्चे सफर करते हैं। सड़कों पर सफर करना जोखिम भरा है। जिले को गड्ढा मुक्त बनाने का दावा हवाई साबित हुआ है।-------एमके रोहिला, विनोद विहार निवासी
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टूटी सड़कों के लिए नहीं है बजट
सहारनपुर। बरसात जनपद की टूटी सड़कों की मरम्मत के लिए प्रशासन के पास बजट नहीं है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक सड़कों को गड्ढे भरे जाने के लिए लोक निर्माण विभाग बजट का इंतजार कर रहा है, जबकि सड़कों की हालत पूरी तरह खस्ता है। ऐसे में सड़कों की हालत कब ठीक होगी, यह कहना मुश्किल है। कई संगठन सड़कों को दुरुस्त कराए जाने की मांग कर चुके हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता केके त्यागी का कहना है कि बारिश की वजह से सड़कों में गड्ढे हो गए हैं। विभाग सड़कों को ठीक कराए जाने की रूपरेखा तैयार कर रहा है, लेकिन बजट मिलने के बाद ही मरम्मत कार्य शुरू हो पाएगा। टूटी सड़कों को ठीक करने के लिए अभी बजट नहीं मिला है।