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बरसात में टपकती छत के नीचे बैठ पढ़ाई करने को मजबूर हैं बच्चे
Updated Tue, 24 Jul 2018 12:26 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। कायस्थवाड़ा स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर-9 में बच्चे जान जोखिम में डालकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। विद्यालय की बिल्डिंग जर्जर हालत में है जो किसी भी वक्त बड़े हादसे का कारण बन सकती है। नगरपालिका स्कूल की इमारत को गिराने का नोटिस भी थमा चुकी है। इसके बावजूद विभाग आंखें बंद किए हुए है।
गौरतलब है कि पिछले बरसात के सीजन में तत्कालीन तहसीलदार परमानंद झा जब उक्त विद्यालय में पहुंचे तो बारिश में छत टपकती मिली। उन्होंने भवन की जर्जर हालत को देखते हुए तुरंत स्कूल की छुट्टी करा दी। मोहल्ले के पालिका सदस्य शाहिद हसन, फुरकान अली व पदमेश त्यागी ने बताया कि शिक्षा विभाग जान बूझकर बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर जर्जर भवन में ही कक्षाएं चलाने की हठधर्मी पर अड़ा हुआ है। जिससे विद्यालय में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल को किसी अन्यत्र जगह पर स्थानांतरित कराने की मांग की है। उधर, भवन स्वामी आसिफ खान ने बताया कि स्कूल में न तो किचन है न ही शौचालय। दो कमरों के इस स्कूल में एक कमरा गिर चुका है जबकि दूसरा बरसात में टपकता है। जिस कमरे में बच्चे पढ़ते हैं उसमें में विभाग ने रसोई बना रखी है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष सितंबर माह में नगरपालिका ने स्कूल की जर्जर हालत को देख इसे गिराने का नोटिस भेजा था। चेतावनी दी थी यदि इमारत नहीं गिराई तो पालिका स्वयं इसे ध्वस्त कर 10 गुणा जुर्माना वसूलेगी। आरोप लगाया कि विभाग ने उन्हें 10 साल से कोई किराया भी नहीं दिया है। भवन स्वामी ने कहा कि अगर कोई हादसा होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की होगी। उधर, एबीएसए डा. प्रभात कुमार ने बताया कि वह अभी नए आए हैं इसलिए क्षेत्र के सभी स्कूलों का निरीक्षण नहीं कर पाए हैं। प्राथमिक विद्यालय नंबर-9 की स्थिति के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। फिर भी वह मंगलवार को स्कूल का निरीक्षण करेंगे। समस्या के समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
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गौरतलब है कि पिछले बरसात के सीजन में तत्कालीन तहसीलदार परमानंद झा जब उक्त विद्यालय में पहुंचे तो बारिश में छत टपकती मिली। उन्होंने भवन की जर्जर हालत को देखते हुए तुरंत स्कूल की छुट्टी करा दी। मोहल्ले के पालिका सदस्य शाहिद हसन, फुरकान अली व पदमेश त्यागी ने बताया कि शिक्षा विभाग जान बूझकर बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर जर्जर भवन में ही कक्षाएं चलाने की हठधर्मी पर अड़ा हुआ है। जिससे विद्यालय में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल को किसी अन्यत्र जगह पर स्थानांतरित कराने की मांग की है। उधर, भवन स्वामी आसिफ खान ने बताया कि स्कूल में न तो किचन है न ही शौचालय। दो कमरों के इस स्कूल में एक कमरा गिर चुका है जबकि दूसरा बरसात में टपकता है। जिस कमरे में बच्चे पढ़ते हैं उसमें में विभाग ने रसोई बना रखी है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष सितंबर माह में नगरपालिका ने स्कूल की जर्जर हालत को देख इसे गिराने का नोटिस भेजा था। चेतावनी दी थी यदि इमारत नहीं गिराई तो पालिका स्वयं इसे ध्वस्त कर 10 गुणा जुर्माना वसूलेगी। आरोप लगाया कि विभाग ने उन्हें 10 साल से कोई किराया भी नहीं दिया है। भवन स्वामी ने कहा कि अगर कोई हादसा होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की होगी। उधर, एबीएसए डा. प्रभात कुमार ने बताया कि वह अभी नए आए हैं इसलिए क्षेत्र के सभी स्कूलों का निरीक्षण नहीं कर पाए हैं। प्राथमिक विद्यालय नंबर-9 की स्थिति के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। फिर भी वह मंगलवार को स्कूल का निरीक्षण करेंगे। समस्या के समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
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