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अब ग्रामीणों को जागरूक करने की कवायद तेज
Updated Thu, 19 Apr 2018 11:48 PM IST
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सहारनपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन को पूरा करने के लिए सरकारी तंत्र ने पूरी ताकत झोंक दी। प्रशासन ने अब ग्रामीणों को जागरूक करने की कवायद तेज कर दी है। अभी तक 887 में 530 गांवों को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) बनाने का दावा किया है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गए शौचालयों का ग्रामीणों द्वारा उपयोग ना करने के मामले सामने आ चुके हैं। प्रशासन ने इसको अपनी विफलता भी माना है। इसी वजह से जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार ने शौचालयों का प्रयोग ना करने वाले ग्रामीणों पर स्वच्छ भारत मिशन को असफल करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। जांच के लिए टीमों का गठन किया था, जो गांव-गांव जाकर पड़ताल कर रही हैं कि ग्रामीण शौचालयों का इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं।
पिछले दिनों सहारनपुर आए प्रमुख सचिव हेमंत राव ने भी स्वच्छ भारत मिशन को लेकर किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त ना करने की चेतावनी दी थी। साथ ही शौचालय निर्माण में धांधली करने वाले ग्राम प्रधानों और सचिवों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। प्रशासन ने जून तक पूरे जनपद को ओडीएफ घोषित किए जाने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, शासन ने अक्टूबर तक का समय दिया हुआ है। मगर, प्रशासन ने जून में ही कार्य पूरा कराकर अक्टूबर तक स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने की कवायद अब तेज कर दी है। इसी के तहत सभी विकास खंडों और ग्राम पंचायतों में बुधवार को स्वच्छता दिवस मनाया गया। इसके साथ ही ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए अभियान की शुरूआत कर दी गई है। टीमें लगाई गई हैं, जो गांव-गांव जाकर ग्रामीणों को खुले में शौच से होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूक करेंगी। इसके साथ नुक्कड़ नाटकों और गोष्ठियों के माध्यम से ग्रामीणों को समझाया जाएगा।
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शासन ले रहा अपडेट
सरकारी तंत्र का पूरा फोकस स्वच्छ भारत मिशन पर है। हर सप्ताह वीडियो क्रांफ्रेंस के जरिए शासन स्वच्छ भारत मिशन का अपडेट ले रहा है। लापरवाही बरतने पर अधिकारियों को कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जनपद की 887 ग्राम पंचायतों में 530 को खुले में शौच से मुक्त बना दिया गया है। ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों की शुरूआत की गई है। - सतीश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गए शौचालयों का ग्रामीणों द्वारा उपयोग ना करने के मामले सामने आ चुके हैं। प्रशासन ने इसको अपनी विफलता भी माना है। इसी वजह से जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार ने शौचालयों का प्रयोग ना करने वाले ग्रामीणों पर स्वच्छ भारत मिशन को असफल करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। जांच के लिए टीमों का गठन किया था, जो गांव-गांव जाकर पड़ताल कर रही हैं कि ग्रामीण शौचालयों का इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं।
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पिछले दिनों सहारनपुर आए प्रमुख सचिव हेमंत राव ने भी स्वच्छ भारत मिशन को लेकर किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त ना करने की चेतावनी दी थी। साथ ही शौचालय निर्माण में धांधली करने वाले ग्राम प्रधानों और सचिवों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। प्रशासन ने जून तक पूरे जनपद को ओडीएफ घोषित किए जाने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, शासन ने अक्टूबर तक का समय दिया हुआ है। मगर, प्रशासन ने जून में ही कार्य पूरा कराकर अक्टूबर तक स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने की कवायद अब तेज कर दी है। इसी के तहत सभी विकास खंडों और ग्राम पंचायतों में बुधवार को स्वच्छता दिवस मनाया गया। इसके साथ ही ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए अभियान की शुरूआत कर दी गई है। टीमें लगाई गई हैं, जो गांव-गांव जाकर ग्रामीणों को खुले में शौच से होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूक करेंगी। इसके साथ नुक्कड़ नाटकों और गोष्ठियों के माध्यम से ग्रामीणों को समझाया जाएगा।
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सरकारी तंत्र का पूरा फोकस स्वच्छ भारत मिशन पर है। हर सप्ताह वीडियो क्रांफ्रेंस के जरिए शासन स्वच्छ भारत मिशन का अपडेट ले रहा है। लापरवाही बरतने पर अधिकारियों को कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जनपद की 887 ग्राम पंचायतों में 530 को खुले में शौच से मुक्त बना दिया गया है। ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों की शुरूआत की गई है। - सतीश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी