{"_id":"5a4a7cee4f1c1b95188bd167","slug":"21514831086-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूलों में बाल यौन शोषण पर लगेगा अंकुश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूलों में बाल यौन शोषण पर लगेगा अंकुश
Updated Mon, 01 Jan 2018 11:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर (सहारनपुर)। शिक्षण संस्थाओं में बच्चों के यौन शोषण की बढ़ती घटनाओं को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय गंभीरता से ले रहा है। यौन शोषण की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए निदेशालय ने जरूरी कदम उठाए जाने के निर्देश जारी किए हैं। निदेशालय के निर्देश पर डीआईओएस ने सभी स्कूलों को सर्कुलर जारी किया। प्रधानाचार्यों को कड़ाई के साथ दिशा निर्देशों का पालन कराते हुए विभाग केे अवगत कराने को कहा गया है।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने 21 दिसंबर को निर्देश जारी किए थे। उन्होंने कुछ सुझाव दिए थे, जिनपर स्कूलों को काम करना है। माना जा रहा है कि उक्त सुझावों पर अमल करने के बाद स्कूलों में बच्चों के यौन शोषण की घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकेगा। डीआईओएस आरके तिवारी ने सभी बोर्ड के दसवीं और 12वीं तक के स्कूलों के प्रधानाचार्यों को सर्कुलर जारी करते हुए बिंदुओं पर अमल कराने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों को 14 सुझावों पर काम करने को कहा गया है। इनमें बच्चों के मन में भरोसा कायम कराना, अलॉर्म की व्यवस्था होना। अच्छे शिक्षकों को चिह्नित करना। शिक्षकों को भी इसके लिए ट्रेंड करना, बच्चों को जागरूक करने के लिए कार्यशालाओं का आयोजन कराना, बच्चों के साथ अधिक से अधिक संपर्क रखना, साइकॉलोजिस्ट की व्यवस्था करने, लगातार सर्वे करने और फास्ट ट्रैक कोर्ट आदि चीजें शामिल हैं। डीआईओएस का कहना है कि सभी स्कूलों को सुझावों पर गंभीरता सके साथ काम करना है और विभाग को इससे अवगत भी कराना है। इससे शासन को रिपोर्ट भेजी जा सके।
विज्ञापन
माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने 21 दिसंबर को निर्देश जारी किए थे। उन्होंने कुछ सुझाव दिए थे, जिनपर स्कूलों को काम करना है। माना जा रहा है कि उक्त सुझावों पर अमल करने के बाद स्कूलों में बच्चों के यौन शोषण की घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकेगा। डीआईओएस आरके तिवारी ने सभी बोर्ड के दसवीं और 12वीं तक के स्कूलों के प्रधानाचार्यों को सर्कुलर जारी करते हुए बिंदुओं पर अमल कराने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों को 14 सुझावों पर काम करने को कहा गया है। इनमें बच्चों के मन में भरोसा कायम कराना, अलॉर्म की व्यवस्था होना। अच्छे शिक्षकों को चिह्नित करना। शिक्षकों को भी इसके लिए ट्रेंड करना, बच्चों को जागरूक करने के लिए कार्यशालाओं का आयोजन कराना, बच्चों के साथ अधिक से अधिक संपर्क रखना, साइकॉलोजिस्ट की व्यवस्था करने, लगातार सर्वे करने और फास्ट ट्रैक कोर्ट आदि चीजें शामिल हैं। डीआईओएस का कहना है कि सभी स्कूलों को सुझावों पर गंभीरता सके साथ काम करना है और विभाग को इससे अवगत भी कराना है। इससे शासन को रिपोर्ट भेजी जा सके।
विज्ञापन