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उम्मीद
Updated Sun, 26 Nov 2017 12:02 AM IST
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साढ़ौली कदीम।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनपद आगमन के कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र के गन्ना किसान बड़ी उम्मीद लगाए हैं। किसानों का मानना है कि पिछली बार मुख्यमंत्री जब जनपद में आए थे तो क्षेत्र की बंद पड़ी चीनी मिल को वर्तमान सत्र में ही चालू कराए जाने की घोषणा कर गए थे।
जनपद में मुख्यमंत्री के दूसरी बार आगमन को लेकर क्षेत्र के गन्ना किसान टकटकी लगाए हैं। किसान साधूराम, शंभू सिंह, प्रेमपाल, ब्रिजेश कांबोज, अवनीश, रणजीत सिंह, बुद्धसिंह, वेदपाल, अफजाल, इरशाद, दिलशाद, माजिद, गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन ताहिर हसन आदि का कहना है कि पिछली बार मुख्यमंत्री जब जनपद में आए थे तो बंद पड़ी शाकंभरी शुगर मिल टोडरपुर को वर्तमान गन्ना सीजन में ही चालू कराए जाने की घोषणा कर गए थे। मिल प्रबंधन ने तो सरकार के आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाकर आधा सीजन बीतने तक भी मिल को चालू कराए जाने की ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। किसानों का मानना है कि सरकार को चाहिए कि किसान हित में सरकार के आदेशों की परवाह न करने वाली बंद पड़ी शाकंभरी शुगर मिल को कब्जे में लेकर स्वयं या किसी संस्था से संचालित करा किसानों की पीड़ा हरने का कार्य करें। किसानों का मानना है कि क्षेत्र के किसान मिल बंदी से आर्थिक क्षेत्र में काफी पिछड़ गए हैं। पिछले दिनोें भी गन्ना किसानों ने मिल गेट पर गन्ने की फसल को आग के हवाले करते हुए भी चेताया था कि यदि बंद पड़ी चीनी मिल वर्तमान सत्र में चालू नहीं करायी जाती तो वे अपने खेतों में खड़ी गन्ने की फसल को आग के हवाले करने को बाध्य होंगे। ऐसे में मुख्यमंत्री के पुन: जनपद आगमन को लेकर किसान काफी उम्मीदें लगाए हुए हैं।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनपद आगमन के कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र के गन्ना किसान बड़ी उम्मीद लगाए हैं। किसानों का मानना है कि पिछली बार मुख्यमंत्री जब जनपद में आए थे तो क्षेत्र की बंद पड़ी चीनी मिल को वर्तमान सत्र में ही चालू कराए जाने की घोषणा कर गए थे।
जनपद में मुख्यमंत्री के दूसरी बार आगमन को लेकर क्षेत्र के गन्ना किसान टकटकी लगाए हैं। किसान साधूराम, शंभू सिंह, प्रेमपाल, ब्रिजेश कांबोज, अवनीश, रणजीत सिंह, बुद्धसिंह, वेदपाल, अफजाल, इरशाद, दिलशाद, माजिद, गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन ताहिर हसन आदि का कहना है कि पिछली बार मुख्यमंत्री जब जनपद में आए थे तो बंद पड़ी शाकंभरी शुगर मिल टोडरपुर को वर्तमान गन्ना सीजन में ही चालू कराए जाने की घोषणा कर गए थे। मिल प्रबंधन ने तो सरकार के आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाकर आधा सीजन बीतने तक भी मिल को चालू कराए जाने की ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। किसानों का मानना है कि सरकार को चाहिए कि किसान हित में सरकार के आदेशों की परवाह न करने वाली बंद पड़ी शाकंभरी शुगर मिल को कब्जे में लेकर स्वयं या किसी संस्था से संचालित करा किसानों की पीड़ा हरने का कार्य करें। किसानों का मानना है कि क्षेत्र के किसान मिल बंदी से आर्थिक क्षेत्र में काफी पिछड़ गए हैं। पिछले दिनोें भी गन्ना किसानों ने मिल गेट पर गन्ने की फसल को आग के हवाले करते हुए भी चेताया था कि यदि बंद पड़ी चीनी मिल वर्तमान सत्र में चालू नहीं करायी जाती तो वे अपने खेतों में खड़ी गन्ने की फसल को आग के हवाले करने को बाध्य होंगे। ऐसे में मुख्यमंत्री के पुन: जनपद आगमन को लेकर किसान काफी उम्मीदें लगाए हुए हैं।
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