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किसानों को मशरूम स्पान का वितरण किया
Updated Sun, 12 Nov 2017 12:58 AM IST
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किसानों को मशरूम स्पान का वितरण किया
सहारनपुर। कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण देने के साथ ही गुणवत्ता युक्त बीज भी दिया जा रहा है।
केवीके सभागार में प्रभारी डा. सत्यप्रकाश ने 10 किसानों को मशरूम स्पान बीज का वितरण किया। उन्होंने किसानों को मशरूम उत्पादन के लिए अपनाई जाने वाली सावधानियों को भी बताया। उन्होंने कहा कि मशरूम की खेती किसानों के लिए आमदनी का बेहतर साधन हो सकती है। उन्होंने किसानों से वैैैज्ञानिक तरीके से मशरूम की खेती करने का आह्वान किया। मशरूम वैज्ञानिक डॉ. आईके कुशवाहा ने किसानों को मशरूम की उत्तम खेती के टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि मशरूम का उत्पादन झोपड़ी या कमरे में किया जा सकता है। इसके लिए अनुकूल तापमान 15 से 18 डिग्री सेल्सियस और आर्र्दता 80 प्रतिशत होनी चाहिए। जिले में मौसम के अनुसार सफेद बटन मशरूम का उत्पादन अक्तूबर-नवंबर से शुरू हो जाता है। उन्होंने कहा कि जिले में सफेद बटन के साथ ही ढिंगरी मशरूम और मिल्की मशरूम का उत्पादन भी किया जाता है। इससे उपभोक्ताओं को पूरे वर्ष मशरूम उपलब्ध रहती है।
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सहारनपुर। कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण देने के साथ ही गुणवत्ता युक्त बीज भी दिया जा रहा है।
केवीके सभागार में प्रभारी डा. सत्यप्रकाश ने 10 किसानों को मशरूम स्पान बीज का वितरण किया। उन्होंने किसानों को मशरूम उत्पादन के लिए अपनाई जाने वाली सावधानियों को भी बताया। उन्होंने कहा कि मशरूम की खेती किसानों के लिए आमदनी का बेहतर साधन हो सकती है। उन्होंने किसानों से वैैैज्ञानिक तरीके से मशरूम की खेती करने का आह्वान किया। मशरूम वैज्ञानिक डॉ. आईके कुशवाहा ने किसानों को मशरूम की उत्तम खेती के टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि मशरूम का उत्पादन झोपड़ी या कमरे में किया जा सकता है। इसके लिए अनुकूल तापमान 15 से 18 डिग्री सेल्सियस और आर्र्दता 80 प्रतिशत होनी चाहिए। जिले में मौसम के अनुसार सफेद बटन मशरूम का उत्पादन अक्तूबर-नवंबर से शुरू हो जाता है। उन्होंने कहा कि जिले में सफेद बटन के साथ ही ढिंगरी मशरूम और मिल्की मशरूम का उत्पादन भी किया जाता है। इससे उपभोक्ताओं को पूरे वर्ष मशरूम उपलब्ध रहती है।
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