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बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करे बिना जिले की दो चीनी मिलें बंद
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सहारनपुर। जिले की छह शुगर मिलें किसानों का अब भी 571 करोड़ रुपये से अधिक बकाया गन्ना मूल्य दबाए बैठी हैं। यह स्थिति तब है जब जनपद की दो शुगर मिलों ने पेराई सत्र समाप्त कर दिया है, वहीं एक चीनी मिल नो केन के कारण बंद होने की स्थिति में। जबकि तीन शुगर मिलें ही पेराई कर रही हैं। बकाया भुगतान नहीं होने के चलते किसानों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है।
पेराई सत्र समाप्ति की ओर है और किसान बकाया गन्ना मूल्य पाने के लिए अभी भी तरस रहे हैं। जिले में गांगनौली और गागलहेड़ी शुगर मिल बंद हो गई हैं। सहकारी क्षेत्र की सरसावा चीनी मिल भी नो केन होने के कारण बंद की स्थिति में है। जबकि देवबंद, शेरमऊ और नानौता शुगर मिलों में पेराई हो रही है। इसके बावजूद किसान बकाया गन्ना मूल्य पाने के लिए तरस रहे हैं। जनपद में देवबंद शुगर मिल ने अब तक केवल 24 मार्च, गांगनौली ने 10 दिसंबर, शेरमऊ ने 13 जनवरी, गागलहेडी ने 12 फरवरी और सहकारी क्षेत्र की नानौता ने 19 फरवरी और सरसावा ने 25 फरवरी तक खरीदे गए गन्ने का ही भुगतान किया है। समय पर गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि सभी शुगर मिलों से बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की कार्ययोजना मांगी गई है। बकाया भुगतान जल्द करने के लिए शुगर मिलों पर दबाव बनाया हुआ है। शीघ्र ही भुगतान में तेजी आने की उम्मीद है।
जिले में 12 लाख 40 हजार क्विंटल गन्ना शेष
जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि जनपद की पेराई कर रही तीन शुुगर मिलों के पास अभी करीब 12 लाख 40 हजार क्विंटल पेराई योग्य गन्ना खेतों में खड़ा है। इनमें से देवबंद शुगर मिल के पास करीब 10 लाख क्विंटल, शेरमऊ के पास 40 हजार क्विंटल और नानौता शुगर मिल के पास दो लाख क्विंटल गन्ना खेतों में खड़ा है। उन्होंने बताया कि पेराई योग्य गन्ना को खरीदने के बाद ही शुगर मिलों को बंद होने दिया जाएगा।
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जनपद की शुगर मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य
मिल--------------------बकाया गन्ना मूल्य
देवबंद-----------------61.65 करोड रुपये
गांगनौली---------------212.09 करोड रुपये
शेरमऊ----------------140.73 करोड रुपये
गागलहेडी--------------46.00 करोड रुपये
नानौता-----------------71.68 करोड रुपये
सरसावा----------------39.33 करोड रुपये
गन्ना विभाग के दो मई के आंकड़ों के मुताबिक
गन्ना मूल्य भुगतान में तेजी ना आई तो होगा आंदोलन
सहारनपुर। सपा जिलाध्यक्ष चौधरी रूद्रसेन और राष्ट्रीय लोकदल के जिलाध्यक्ष राव कैसर सलीम का कहना है कि शासन प्रशासन किसानों को समय से गन्ना मूल्य भुगतान कराने में विफल साबित रही है। भुगतान नहीं होने के कारण किसानों के पास खेती में लागत लगाने से लेकर रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने के लिए भी आर्थिक संकट है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शुगर मिल बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करने में तेजी नहीं लाई तो आंदोलन करने को मजबूर होना पडे़गा।
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पेराई सत्र समाप्ति की ओर है और किसान बकाया गन्ना मूल्य पाने के लिए अभी भी तरस रहे हैं। जिले में गांगनौली और गागलहेड़ी शुगर मिल बंद हो गई हैं। सहकारी क्षेत्र की सरसावा चीनी मिल भी नो केन होने के कारण बंद की स्थिति में है। जबकि देवबंद, शेरमऊ और नानौता शुगर मिलों में पेराई हो रही है। इसके बावजूद किसान बकाया गन्ना मूल्य पाने के लिए तरस रहे हैं। जनपद में देवबंद शुगर मिल ने अब तक केवल 24 मार्च, गांगनौली ने 10 दिसंबर, शेरमऊ ने 13 जनवरी, गागलहेडी ने 12 फरवरी और सहकारी क्षेत्र की नानौता ने 19 फरवरी और सरसावा ने 25 फरवरी तक खरीदे गए गन्ने का ही भुगतान किया है। समय पर गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि सभी शुगर मिलों से बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की कार्ययोजना मांगी गई है। बकाया भुगतान जल्द करने के लिए शुगर मिलों पर दबाव बनाया हुआ है। शीघ्र ही भुगतान में तेजी आने की उम्मीद है।
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जिले में 12 लाख 40 हजार क्विंटल गन्ना शेष
जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि जनपद की पेराई कर रही तीन शुुगर मिलों के पास अभी करीब 12 लाख 40 हजार क्विंटल पेराई योग्य गन्ना खेतों में खड़ा है। इनमें से देवबंद शुगर मिल के पास करीब 10 लाख क्विंटल, शेरमऊ के पास 40 हजार क्विंटल और नानौता शुगर मिल के पास दो लाख क्विंटल गन्ना खेतों में खड़ा है। उन्होंने बताया कि पेराई योग्य गन्ना को खरीदने के बाद ही शुगर मिलों को बंद होने दिया जाएगा।
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जनपद की शुगर मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य
मिल--------------------बकाया गन्ना मूल्य
देवबंद-----------------61.65 करोड रुपये
गांगनौली---------------212.09 करोड रुपये
शेरमऊ----------------140.73 करोड रुपये
गागलहेडी--------------46.00 करोड रुपये
नानौता-----------------71.68 करोड रुपये
सरसावा----------------39.33 करोड रुपये
गन्ना विभाग के दो मई के आंकड़ों के मुताबिक
गन्ना मूल्य भुगतान में तेजी ना आई तो होगा आंदोलन
सहारनपुर। सपा जिलाध्यक्ष चौधरी रूद्रसेन और राष्ट्रीय लोकदल के जिलाध्यक्ष राव कैसर सलीम का कहना है कि शासन प्रशासन किसानों को समय से गन्ना मूल्य भुगतान कराने में विफल साबित रही है। भुगतान नहीं होने के कारण किसानों के पास खेती में लागत लगाने से लेकर रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने के लिए भी आर्थिक संकट है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शुगर मिल बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करने में तेजी नहीं लाई तो आंदोलन करने को मजबूर होना पडे़गा।