{"_id":"5bd9fc1ebdec22693257babf","slug":"201541012510-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांवधोई नदी में नहीं डलना चाहिए सीवर का पानी - कमिश्नर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांवधोई नदी में नहीं डलना चाहिए सीवर का पानी - कमिश्नर
Updated Thu, 01 Nov 2018 12:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पांवधोई नदी में नहीं डलना चाहिए सीवर का पानी - कमिश्नर
सहारनपुर। कमिश्नर चंद्रप्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि पांवधोई नदी में सीवर का पानी नहीं डाला जाना चाहिए। वह पांच नवंबर यानी धनतेरस पर पांवधोई नदी के घाट पर होने वाले दीपदान कार्यक्रम की समीक्षा बैठक ले रहे थे। उन्होंने दीपदान कार्यक्रम के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश नगरायुक्त और संबंधित अधिकारियों को दिए।
कमिश्नर ने बीएसए रमेंद्र कुमार सिंह और डीआईओएस डॉक्टर अरुण कुमार दुबे को कम से कम पांच-पांच सौ अध्यापक और युवा छात्र-छात्राओं को दीपदान कार्यक्रम में शामिल कराने के निर्देश दिए। नागरिक सुरक्षा अधिकारी को भी एनसीसी, एनएसएस एवं स्काउट के कम से कम पांच सौ युवाओं को भी आमंत्रित कर कार्यक्रम में मौजूद रहने के लिए कहा। साथ व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों को भी लोगों को एकत्र कर प्रतिभागी बनाने की बात कही। कमिश्नर ने कहा कि पांवधोई नदी शहर की आत्मा है, जिससे साफ सुथरा बनाना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने जनपदवासियों ने नदी की सफाई के लिए साथ आने की अपील की। पांच नवंबर को होने वाले दीप दान कार्यक्रम में जनपद के युवाओं और बुजुर्गों के अलावा संभ्रांत नागरिकों से भी हिस्सा लेने को कहा। पांच नवंबर को रामेश्वर और भूतेश्वर मंदिरों के अलावा आस-पास के मंदिरों पर भी सजावट करने के निर्देश दिए। साथ ही नदी के किनारे बने मकानों पर भी लाइट लगवाने को कहा। सभी 70 पार्षदों को भी अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कहा। नदी के दोनों तरफ नगर निगम द्वारा झालर लगाए जाएंगे। नदी के तट और किनारों पर नदी को गंदा न करें जैसे स्लोगन लिखवाने और बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दीपदान का कार्यक्रम शाम पांच बजे से छह बजे तक होगा। बैठक में डीएम आलोक कुमार पांडेय, महापौर संजीव वालिया, नगर आयुक्त ज्ञानेंद्र सिंह, एडीएम-वित्त विनोद कुमार, महाप्रबंधक जलकल अमरनाथ, सहायक अभयंता विकास त्यागी, कुलभूषण जैन, योगेश गोयल, डॉक्टर एसके उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
सहारनपुर। कमिश्नर चंद्रप्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि पांवधोई नदी में सीवर का पानी नहीं डाला जाना चाहिए। वह पांच नवंबर यानी धनतेरस पर पांवधोई नदी के घाट पर होने वाले दीपदान कार्यक्रम की समीक्षा बैठक ले रहे थे। उन्होंने दीपदान कार्यक्रम के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश नगरायुक्त और संबंधित अधिकारियों को दिए।
कमिश्नर ने बीएसए रमेंद्र कुमार सिंह और डीआईओएस डॉक्टर अरुण कुमार दुबे को कम से कम पांच-पांच सौ अध्यापक और युवा छात्र-छात्राओं को दीपदान कार्यक्रम में शामिल कराने के निर्देश दिए। नागरिक सुरक्षा अधिकारी को भी एनसीसी, एनएसएस एवं स्काउट के कम से कम पांच सौ युवाओं को भी आमंत्रित कर कार्यक्रम में मौजूद रहने के लिए कहा। साथ व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों को भी लोगों को एकत्र कर प्रतिभागी बनाने की बात कही। कमिश्नर ने कहा कि पांवधोई नदी शहर की आत्मा है, जिससे साफ सुथरा बनाना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने जनपदवासियों ने नदी की सफाई के लिए साथ आने की अपील की। पांच नवंबर को होने वाले दीप दान कार्यक्रम में जनपद के युवाओं और बुजुर्गों के अलावा संभ्रांत नागरिकों से भी हिस्सा लेने को कहा। पांच नवंबर को रामेश्वर और भूतेश्वर मंदिरों के अलावा आस-पास के मंदिरों पर भी सजावट करने के निर्देश दिए। साथ ही नदी के किनारे बने मकानों पर भी लाइट लगवाने को कहा। सभी 70 पार्षदों को भी अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कहा। नदी के दोनों तरफ नगर निगम द्वारा झालर लगाए जाएंगे। नदी के तट और किनारों पर नदी को गंदा न करें जैसे स्लोगन लिखवाने और बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दीपदान का कार्यक्रम शाम पांच बजे से छह बजे तक होगा। बैठक में डीएम आलोक कुमार पांडेय, महापौर संजीव वालिया, नगर आयुक्त ज्ञानेंद्र सिंह, एडीएम-वित्त विनोद कुमार, महाप्रबंधक जलकल अमरनाथ, सहायक अभयंता विकास त्यागी, कुलभूषण जैन, योगेश गोयल, डॉक्टर एसके उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन