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भगत सिंह और साथियों को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग
Updated Mon, 01 Oct 2018 12:20 AM IST
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सहारनपुर। भारतीय अखंड पार्टी ने शहीद भगत सिंह और उनके साथियों को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर शहर में पैदल मार्च निकाला और घंटाघर स्थित भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
भारतीय अखंड पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सरदार अवतार सिंह मिगलानी के नेतृत्व में सोमवार को पदाधिकारी पुल खमरान स्थित भगत सिंह की प्रतिमा पर एकत्रित हुए। वहां से पदाधिकारियों ने शहर में पैदल मार्च निकाला। पैदल मार्च पुल खुमरान से शुरू होकर बाजार मोरगंज, शहीद गंज, नेहरू मार्केट होते हुए घंटाघर के भगत सिंह चौक पहुंचकर वहां स्थित शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। पैदल मार्च में भगत सिंह को शहीद घोषित किए जाने की मांग की गई।
अवतार सिंह मिगलानी ने कहा कि देश की आजादी में सरदार भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, रामप्रसाद बिस्मिल, लाला लाजपत राय, चंद्रशेखर आजाद ने अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि भगत सिंह ने आजादी के लिए ही अंग्रेजों पर हमले किए, जिससे अंग्रेजी शासन पूरी तरह से हिल गया था। जलियावाला बाग कांड में जनरल डायल द्वारा निहत्थे हिंदुस्तानियों पर गोली चलवा कर मरवा दिया। जिस कारण भगत सिंह छोटी उम्र में ही क्रांतिकारी बन गए। अंग्रेजों ने उन्हें 23 मार्च 1931 को फांसी दे दी। लेकिन भारत सरकार ने भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, लाजपतराय, राम प्रसाद बिस्मिल, चंद्रशेखर आजाद को आज तक शहीद घोषित नहीं किया। जबकि आजादी के यही असली हकदार थे। राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों द्वारा सरदार भगत सिंह का जन्म दिवस एवं शहीदी दिवस मनाया जाता है। लेकिन सरकार के रिकार्ड में भगत सिंह शहीद नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार इन्हें शहीद घोषित नहीं कर देती, तब तक पार्टी आंदोलन करती रहेगी। पैदल मार्च करने वालों में वीरेंद्र चौधरी, पवन शर्मा, संजय कुमार, डा शिव कुमार, राजेश कुमार, डा विक्रम सिंह, सलीम अहमद, देशवीर सिंह, ममता शर्मा, रईस अहमद, महेंद्र कुमार, संजू अरोड़ा, सचिन मिगलानी, हरजीत सिंह, रंजीत सिंह शामिल रहे।
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भारतीय अखंड पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सरदार अवतार सिंह मिगलानी के नेतृत्व में सोमवार को पदाधिकारी पुल खमरान स्थित भगत सिंह की प्रतिमा पर एकत्रित हुए। वहां से पदाधिकारियों ने शहर में पैदल मार्च निकाला। पैदल मार्च पुल खुमरान से शुरू होकर बाजार मोरगंज, शहीद गंज, नेहरू मार्केट होते हुए घंटाघर के भगत सिंह चौक पहुंचकर वहां स्थित शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। पैदल मार्च में भगत सिंह को शहीद घोषित किए जाने की मांग की गई।
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अवतार सिंह मिगलानी ने कहा कि देश की आजादी में सरदार भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, रामप्रसाद बिस्मिल, लाला लाजपत राय, चंद्रशेखर आजाद ने अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि भगत सिंह ने आजादी के लिए ही अंग्रेजों पर हमले किए, जिससे अंग्रेजी शासन पूरी तरह से हिल गया था। जलियावाला बाग कांड में जनरल डायल द्वारा निहत्थे हिंदुस्तानियों पर गोली चलवा कर मरवा दिया। जिस कारण भगत सिंह छोटी उम्र में ही क्रांतिकारी बन गए। अंग्रेजों ने उन्हें 23 मार्च 1931 को फांसी दे दी। लेकिन भारत सरकार ने भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, लाजपतराय, राम प्रसाद बिस्मिल, चंद्रशेखर आजाद को आज तक शहीद घोषित नहीं किया। जबकि आजादी के यही असली हकदार थे। राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों द्वारा सरदार भगत सिंह का जन्म दिवस एवं शहीदी दिवस मनाया जाता है। लेकिन सरकार के रिकार्ड में भगत सिंह शहीद नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार इन्हें शहीद घोषित नहीं कर देती, तब तक पार्टी आंदोलन करती रहेगी। पैदल मार्च करने वालों में वीरेंद्र चौधरी, पवन शर्मा, संजय कुमार, डा शिव कुमार, राजेश कुमार, डा विक्रम सिंह, सलीम अहमद, देशवीर सिंह, ममता शर्मा, रईस अहमद, महेंद्र कुमार, संजू अरोड़ा, सचिन मिगलानी, हरजीत सिंह, रंजीत सिंह शामिल रहे।
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