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कासमी खानदान की अहसानमंद रहेंगी आने वाली नस्लें: रहमानी
Updated Tue, 14 Aug 2018 12:23 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं दारुल उलूम वक्फ के सदर मोहतमिम मौलाना सालिम कासमी की शैक्षिक, धार्मिक व सामाजिक सेवाओं को लेकर दारुल उलूम वक्फ में चल रहा दो दिवसीय सेमिनार सोमवार को संपन्न हो गया। सेमिनार के अंतिम दिन नामचीन उलमा ने मरहूम की सेवाओं पर विस्तार से रोशनी डाली। इस दौरान मौलाना सालिम की सेवाओं को लेकर करीब 75 लेख भी पढ़े गए।
सेमिनार में पहुंचे मरकजी जमीयत अहले हदीस के महासचिव मौलाना असगर अली इमाम मेहंदी सलफी ने कहा कि खतीबुल इस्लाम हजरत मौलाना सालिम कासमी सबको साथ लेकर चलते थे और अमली पैगाम देते थे। उन्होंने हमेशा मसलकी इख्तलाफ को दरकिनार कर हर मंच से एकजुटता की दावत दी। जिसके लिए उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव मौलाना सैफुल्लाह रहमानी ने कहा कि मौलाना सालिम कासमी ने हमेशा कौम की रहनुमाई की। नाजुक से नाजुक वक्त में भी उन्होंने हौंसला दिखाया और उस वक्त को बड़ी सादगी के साथ गुजार दिया। उनकी शिक्षा और कारनामे कभी न भूलने वाले हैं। जिनसे आज की नई पीढ़ी सबक लेगी और अपनी जिंदगी को बुजुर्गों के बताए मुताबिक गुजारेगी। उन्होंने कहा कि मरहूम की शैक्षिक, धार्मिक और सामाजिक सेवाएं हम सबके लिए मार्गदर्शन है। आने वाली नस्लें हमेशा कासमी खानदान की एहसानमंद रहेंगी। शेखुल हदीस मौलाना अहमद खिजर शाह मसूदी ने कहा कि तारीख गवाह है कि खानदान-ए-कासमी ने हमेशा कौम की रहनुमाई की जब कभी कौम भटकावे की और चली कासमी परिवार ने सहारा देकर कौम को भटकने से बचा लिया। मौलाना सालिम की सेवाएं भी उसी कड़ी का एक हिस्सा थी। दारुल उलूम वक्फ के मोहतमिम मौलाना सुफियान कासमी व हुज्जतुल इस्लाम एकेडमी के डायरेक्टर मौलाना शकेब कासमी ने सेमिनार में पहुंचे सभी मेहमानों को शुक्रिया अदा किया। इस मौके पर डा. उबैद इकबाल आसिम, मौलाना मुफ्ती अहसान कासमी, कारी मोहम्मद वासिफ, मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर, मौलाना दिलशाद कासमी, मौ. शादाब, मौलाना शाहनवाज बदर कासमी, मुफ्ती अरशद फारुकी आदि मौजूद रहे।
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सेमिनार में पहुंचे मरकजी जमीयत अहले हदीस के महासचिव मौलाना असगर अली इमाम मेहंदी सलफी ने कहा कि खतीबुल इस्लाम हजरत मौलाना सालिम कासमी सबको साथ लेकर चलते थे और अमली पैगाम देते थे। उन्होंने हमेशा मसलकी इख्तलाफ को दरकिनार कर हर मंच से एकजुटता की दावत दी। जिसके लिए उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव मौलाना सैफुल्लाह रहमानी ने कहा कि मौलाना सालिम कासमी ने हमेशा कौम की रहनुमाई की। नाजुक से नाजुक वक्त में भी उन्होंने हौंसला दिखाया और उस वक्त को बड़ी सादगी के साथ गुजार दिया। उनकी शिक्षा और कारनामे कभी न भूलने वाले हैं। जिनसे आज की नई पीढ़ी सबक लेगी और अपनी जिंदगी को बुजुर्गों के बताए मुताबिक गुजारेगी। उन्होंने कहा कि मरहूम की शैक्षिक, धार्मिक और सामाजिक सेवाएं हम सबके लिए मार्गदर्शन है। आने वाली नस्लें हमेशा कासमी खानदान की एहसानमंद रहेंगी। शेखुल हदीस मौलाना अहमद खिजर शाह मसूदी ने कहा कि तारीख गवाह है कि खानदान-ए-कासमी ने हमेशा कौम की रहनुमाई की जब कभी कौम भटकावे की और चली कासमी परिवार ने सहारा देकर कौम को भटकने से बचा लिया। मौलाना सालिम की सेवाएं भी उसी कड़ी का एक हिस्सा थी। दारुल उलूम वक्फ के मोहतमिम मौलाना सुफियान कासमी व हुज्जतुल इस्लाम एकेडमी के डायरेक्टर मौलाना शकेब कासमी ने सेमिनार में पहुंचे सभी मेहमानों को शुक्रिया अदा किया। इस मौके पर डा. उबैद इकबाल आसिम, मौलाना मुफ्ती अहसान कासमी, कारी मोहम्मद वासिफ, मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर, मौलाना दिलशाद कासमी, मौ. शादाब, मौलाना शाहनवाज बदर कासमी, मुफ्ती अरशद फारुकी आदि मौजूद रहे।
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