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लापरवाह चिकित्साधिकारियों पर होगी कार्रवाई : डीएम
Updated Thu, 24 May 2018 12:27 AM IST
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सहारनपुर। डीएम पीके पांडेय ने कहा कि ग्राम स्वराज अभियान के तहत विशेष सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान के तहत लक्ष्य के अनुरूप कार्य न करने वाले अधिकारियों के विरुद्घ कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रभारी चिकित्साधिकारी साढ़ौली कदीम को फटकार लगाते हुए अभियान के द्वितीय चरण में लक्ष्य के अनुरूप काम करने के निर्देश दिए। वह बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में स्वास्थ्य कार्यों की समीक्षा बैठक ले रहे थे।
उन्होंने नगरीय मलिन बस्तियों में संवेदनशील समूहों के बच्चों को भी पूर्णता दवाइयों से आच्छादित करने के निर्देश दिए। कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से आए गंभीर रोगियों को प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से जिला चिकित्सालय रेफर करने के लिए नि:शुल्क एवं सभी आवश्यक उपकरणों से सुसज्जित एंबुलेंस 108 और 102 की सुविधा उपलब्ध कराने को कहा। आंगनबाड़ी व आशाओं को जेई/एईएस, डेंगू रोग, मलेरिया एवं स्वाइन फ्लू रोगों से पीड़ित लोगों की सूची जिला अस्पताल में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही समस्त कुपोषित तथा अति कुपोषित बच्चों की सूची बनाकर भी उपलब्ध कराने को भी कहा। पोषण एवं पुनर्वास केंद्र पर उपचार तथा पोषण पुनर्वास हेतु भेजने के निर्देश दिए। कहा कि विकलांग बच्चों के प्रशिक्षण एवं अन्य सुविधाओं की व्यवस्था के लिए विकलांग कल्याण विभाग से सहयोग लें। संक्रामक रोगों पर नियंत्रण तथा इसके लिए स्वच्छता को अपनाने जाने के संदेशों के साथ रैलियों का आयोजन भी किया जाए। स्वच्छता प्रशिक्षक प्रत्येक विद्यालय प्रतिदिन प्रात: कालीन प्रार्थना में स्वास्थ्य एवं रोग पर जागरूकता से संबंधित संदेश दिया जाए। उन्होंने कहा विकलांग बच्चों के लिए अलग से विशेष पाठ्यक्रम एवं उस स्कूल शिक्षक की व्यवस्था समाज कल्याण विभाग की सहायता से विकलांग को एक विशेष तकनीकी प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए।
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उन्होंने नगरीय मलिन बस्तियों में संवेदनशील समूहों के बच्चों को भी पूर्णता दवाइयों से आच्छादित करने के निर्देश दिए। कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से आए गंभीर रोगियों को प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से जिला चिकित्सालय रेफर करने के लिए नि:शुल्क एवं सभी आवश्यक उपकरणों से सुसज्जित एंबुलेंस 108 और 102 की सुविधा उपलब्ध कराने को कहा। आंगनबाड़ी व आशाओं को जेई/एईएस, डेंगू रोग, मलेरिया एवं स्वाइन फ्लू रोगों से पीड़ित लोगों की सूची जिला अस्पताल में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही समस्त कुपोषित तथा अति कुपोषित बच्चों की सूची बनाकर भी उपलब्ध कराने को भी कहा। पोषण एवं पुनर्वास केंद्र पर उपचार तथा पोषण पुनर्वास हेतु भेजने के निर्देश दिए। कहा कि विकलांग बच्चों के प्रशिक्षण एवं अन्य सुविधाओं की व्यवस्था के लिए विकलांग कल्याण विभाग से सहयोग लें। संक्रामक रोगों पर नियंत्रण तथा इसके लिए स्वच्छता को अपनाने जाने के संदेशों के साथ रैलियों का आयोजन भी किया जाए। स्वच्छता प्रशिक्षक प्रत्येक विद्यालय प्रतिदिन प्रात: कालीन प्रार्थना में स्वास्थ्य एवं रोग पर जागरूकता से संबंधित संदेश दिया जाए। उन्होंने कहा विकलांग बच्चों के लिए अलग से विशेष पाठ्यक्रम एवं उस स्कूल शिक्षक की व्यवस्था समाज कल्याण विभाग की सहायता से विकलांग को एक विशेष तकनीकी प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए।
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