{"_id":"5aa188af4f1c1b01768b45c3","slug":"201520535727-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सर्वे के नाम पर व्यापारियों का उत्पीडन बर्दाश्त नहीं होगा: सिंघल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सर्वे के नाम पर व्यापारियों का उत्पीडन बर्दाश्त नहीं होगा: सिंघल
Updated Fri, 09 Mar 2018 12:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सर्वे के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं
देवबंद। आयकर कार्यालय में आयोजित बैठक में नगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजय सिंघल ने कहा कि सर्वे के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान इनकम टैक्स अधिकारियों ने व्यापारियों से समय से टैक्स जमा करने का आह्वान किया।
बृहस्पतिवार को हुई बैठक में अजय सिंघल ने कहा कि अधिकारियों को ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए जिससे व्यापारियों को सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ा। साथ ही उन्होंने आयकर अधिकारियों से व्यापारियों का उत्पीड़न न करने का आह्वान किया। इनकम टैक्स के ज्वाइंट कमिश्नर राकेंद्र सिंह और आईटीओ बीएस चौहाण ने व्यापारियों और चिकित्सकों से कहा कि वह अपने टैक्स की सीमा को बढ़ाएं और आईटीआर अवश्य भरें। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार जो टैक्स लेती है उसका 85 प्रतिशत राज्य सरकारों को वापस कर दिया जाता है। जिसका उपयोग प्रदेश के नगरों के विकास को किया जाता है। इस मौके पर सतेंद्र शाह, इलियास कुरैशी, आशुतोष गुप्ता, हरिकृष्ण मल्होत्रा, अंकित जैन, मुकुल गुप्ता, हरिओम गिरधर, अंशुल वर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
देवबंद। आयकर कार्यालय में आयोजित बैठक में नगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजय सिंघल ने कहा कि सर्वे के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान इनकम टैक्स अधिकारियों ने व्यापारियों से समय से टैक्स जमा करने का आह्वान किया।
बृहस्पतिवार को हुई बैठक में अजय सिंघल ने कहा कि अधिकारियों को ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए जिससे व्यापारियों को सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ा। साथ ही उन्होंने आयकर अधिकारियों से व्यापारियों का उत्पीड़न न करने का आह्वान किया। इनकम टैक्स के ज्वाइंट कमिश्नर राकेंद्र सिंह और आईटीओ बीएस चौहाण ने व्यापारियों और चिकित्सकों से कहा कि वह अपने टैक्स की सीमा को बढ़ाएं और आईटीआर अवश्य भरें। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार जो टैक्स लेती है उसका 85 प्रतिशत राज्य सरकारों को वापस कर दिया जाता है। जिसका उपयोग प्रदेश के नगरों के विकास को किया जाता है। इस मौके पर सतेंद्र शाह, इलियास कुरैशी, आशुतोष गुप्ता, हरिकृष्ण मल्होत्रा, अंकित जैन, मुकुल गुप्ता, हरिओम गिरधर, अंशुल वर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन