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कोमा में पड़े अरुण का कच्चा मकान गिरा
Updated Wed, 27 Sep 2017 12:35 AM IST
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कोमा में पड़े अरुण का कच्चा मकान गिरा
गंगोह (सहारनपुर)। दुर्घटना के चलते पिछले एक वर्ष से कोमा में चल रहे गांव अलीपुरा निवासी अरुण और उसके परिवार पर आ रही मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार शाम गांव स्थित उसका कच्चा मकान भरभराकर ढह गया। गनीमत रही कि उस वक्त घर में कोई नहीं था। वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
बता दें कि गंगोह ब्लॉक के गांव अलीपुरा निवासी अरुण एक वर्ष पूर्व सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद कोमा में चला गया था। उसके उपचार में बेतहाशा रकम खर्च होने के चलते उसकी पत्नी और बच्चे भुखमरी की कगार पर आ गए हैं। बता दें कि 12 सितंबर को उसकी बेटी ईशू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इलाज में मदद की गुहार लगाई थी।
इसका संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को अरुण का उपचार कराने में मदद के निर्देश मिले थे। इसके बाद से अरुण का सहारनपुर स्थित निजी चिकित्सालय में उपचार कराया जा रहा है। सोमवार को उसकी पत्नी दोनों बच्चों के साथ गांव में थी जबकि अरूण की माता एवं अन्य परिजन उसकी देखभाल के लिए अस्पताल में थे। पत्नी पड़ोस में किसी काम से गई थी जबकि ईशू अपने छोटे भाई के साथ घर से कुछ दूर खेल रही थी। तभी अचानक उनका कच्चा मकान भरभराकर ढह गया। मलबे में दबकर काफी घरेलू सामान भी नष्ट हो गया। मकान गिरने के कारण भुखमरी से जूझ रहा परिवार अब और मुश्किल में है। फिलहाल पीड़ित परिवार अन्य रिश्तेदारों के घर में शरण ली हुई है।
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गंगोह (सहारनपुर)। दुर्घटना के चलते पिछले एक वर्ष से कोमा में चल रहे गांव अलीपुरा निवासी अरुण और उसके परिवार पर आ रही मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार शाम गांव स्थित उसका कच्चा मकान भरभराकर ढह गया। गनीमत रही कि उस वक्त घर में कोई नहीं था। वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
बता दें कि गंगोह ब्लॉक के गांव अलीपुरा निवासी अरुण एक वर्ष पूर्व सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद कोमा में चला गया था। उसके उपचार में बेतहाशा रकम खर्च होने के चलते उसकी पत्नी और बच्चे भुखमरी की कगार पर आ गए हैं। बता दें कि 12 सितंबर को उसकी बेटी ईशू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इलाज में मदद की गुहार लगाई थी।
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इसका संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को अरुण का उपचार कराने में मदद के निर्देश मिले थे। इसके बाद से अरुण का सहारनपुर स्थित निजी चिकित्सालय में उपचार कराया जा रहा है। सोमवार को उसकी पत्नी दोनों बच्चों के साथ गांव में थी जबकि अरूण की माता एवं अन्य परिजन उसकी देखभाल के लिए अस्पताल में थे। पत्नी पड़ोस में किसी काम से गई थी जबकि ईशू अपने छोटे भाई के साथ घर से कुछ दूर खेल रही थी। तभी अचानक उनका कच्चा मकान भरभराकर ढह गया। मलबे में दबकर काफी घरेलू सामान भी नष्ट हो गया। मकान गिरने के कारण भुखमरी से जूझ रहा परिवार अब और मुश्किल में है। फिलहाल पीड़ित परिवार अन्य रिश्तेदारों के घर में शरण ली हुई है।
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