{"_id":"59c804d64f1c1b9b688b6747","slug":"201506280662-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुहर्रम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुहर्रम
Updated Mon, 25 Sep 2017 12:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुहर्रम की दूसरी तारीख पर हुई मजलिसें
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। मुहर्रम की दूसरी तारीख को नगर में अनेक इमाम बारगाहों में देर रात तक मजिलस हुईं। इनमें पहुंचे मुस्लिम धार्मिक विद्वानों ने करबला में प्रवेश के बारे में फरमाया।
पहली मजलिस इमाम बारगाह सामानियान मोहल्ला कायस्थान में हुई, जहां जौनपुर से आए मौलाना मकातिब अली खान और दूसरी मजलिस बड़ी इमाम बारगाह जाफर नवाज में लखनऊ से आए मौलाना शेख इब्राहिम कुम्मी ने खिताब फरमाया। तीसरी मजलिस छोटी इमाम बारगाह में हुई, जहां बिजनौर से आए मौलाना जहूर ने इमाम हुसैन से जुड़े किस्सों को बयां किया। मजलिसों में सबसे पहले मरसियाखानी की गई। इस दौरान ख्वाजा हसन मुहम्मद, डॉ. अमीर अब्बास, खुवाजा रइस अब्बास, आरिफ अल्वी, इफ्तेखार हैदर, एसएम हुसैन जैदी, अथर अली जैदी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। मुहर्रम की दूसरी तारीख को नगर में अनेक इमाम बारगाहों में देर रात तक मजिलस हुईं। इनमें पहुंचे मुस्लिम धार्मिक विद्वानों ने करबला में प्रवेश के बारे में फरमाया।
पहली मजलिस इमाम बारगाह सामानियान मोहल्ला कायस्थान में हुई, जहां जौनपुर से आए मौलाना मकातिब अली खान और दूसरी मजलिस बड़ी इमाम बारगाह जाफर नवाज में लखनऊ से आए मौलाना शेख इब्राहिम कुम्मी ने खिताब फरमाया। तीसरी मजलिस छोटी इमाम बारगाह में हुई, जहां बिजनौर से आए मौलाना जहूर ने इमाम हुसैन से जुड़े किस्सों को बयां किया। मजलिसों में सबसे पहले मरसियाखानी की गई। इस दौरान ख्वाजा हसन मुहम्मद, डॉ. अमीर अब्बास, खुवाजा रइस अब्बास, आरिफ अल्वी, इफ्तेखार हैदर, एसएम हुसैन जैदी, अथर अली जैदी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन