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लापता अधिवक्ता और मुंशी के मामले के खुलासे के लिए अधिवक्ताओं ने लगा दिया जाम
Updated Sat, 15 Jul 2017 12:27 AM IST
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सहारनपुर। बीस दिन पूर्व लापता हुए अधिवक्ता दिग्विजय सिंह राणा और मुंशी विकास कुमार के मामले के खुलासे की मांग के लिए अधिवक्ताओं ने कचहरी तिराहे पर शुक्रवार को जाम लगा दिया और जमकर हंगामा किया। अधिवक्ताओं ने शीघ्र खुलासा न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। अधिकारियों के जल्दी खुलासे के आश्वासन देकर अधिवक्ताओं ने जाम खोला। हालांकि देर शाम पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी का दावा किया।
शुक्रवार को अधिवक्ता एकत्रित होकर कचहरी के सामने तिराहे पर पहुंच गए और रास्ता जाम कर दिया। अधिवक्ताओं ने कहा कि 24 जून को अधिवक्ता दिग्विजय सिंह राणा और उनका मुंशी विकास कुमार कोर्ट के मामले में रुड़की गए थे। जहां से दोनों लापता हो गए। पुलिस 20 दिन में भी लापता दोनों का कोई पता नहीं लगा सकी। पुलिस ने दिग्विजय सिंह का मोबाइल बरामद करने का दावा तो किया। लेकिन उनके मामले का अभी तक कोई खुलासा नहीं किया। अधिवक्ताओं द्वारा जाम लगाए जाने की सूचना मिलते ही नगर पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने अधिवक्ताओं को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने मामले का शीघ्र खुलासा करने का आश्वासन दिया। बाद में पुलिस हिरासत में लिए एक आरोपी से अधिवक्ताओं की बात कराई, जिसमें उसने कुबूल किया कि उसने ही अधिवक्ता और मुंशी को शराब पिलाकर गंगनहर में धकेल दिया है। इसके बाद अधिवक्ता शांत हो गए और शीघ्र खुलासा न करने पर आंदोलन की चेतावनी देकर जाम खोल दिया।
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शुक्रवार को अधिवक्ता एकत्रित होकर कचहरी के सामने तिराहे पर पहुंच गए और रास्ता जाम कर दिया। अधिवक्ताओं ने कहा कि 24 जून को अधिवक्ता दिग्विजय सिंह राणा और उनका मुंशी विकास कुमार कोर्ट के मामले में रुड़की गए थे। जहां से दोनों लापता हो गए। पुलिस 20 दिन में भी लापता दोनों का कोई पता नहीं लगा सकी। पुलिस ने दिग्विजय सिंह का मोबाइल बरामद करने का दावा तो किया। लेकिन उनके मामले का अभी तक कोई खुलासा नहीं किया। अधिवक्ताओं द्वारा जाम लगाए जाने की सूचना मिलते ही नगर पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने अधिवक्ताओं को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने मामले का शीघ्र खुलासा करने का आश्वासन दिया। बाद में पुलिस हिरासत में लिए एक आरोपी से अधिवक्ताओं की बात कराई, जिसमें उसने कुबूल किया कि उसने ही अधिवक्ता और मुंशी को शराब पिलाकर गंगनहर में धकेल दिया है। इसके बाद अधिवक्ता शांत हो गए और शीघ्र खुलासा न करने पर आंदोलन की चेतावनी देकर जाम खोल दिया।
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