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शौचालय निर्माण में धांधली के आरोप लगाए
Updated Fri, 30 Jun 2017 12:23 AM IST
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शौचालय निर्माण में धांधली के आरोप लगाए
गंगोह (सहारनपुर)। क्षेत्र के लोहिया गांवों में स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत बनाए गए शौचालयों सहित अन्य विकास कार्यों में अनियमितता के आरोपों का सिलसिला जारी है। गांव खानपुर गुर्जर में प्रधान एवं सचिव पर कार्रवाई होने के बाद अब गांव कुंडाकलां और बुडढाखेडा के ग्रामीण भी लगातार जांच की मांग कर रहे हैं। बुडढाखेडा के ग्रामीणों ने जिले के प्रभारी मंत्री से उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
गंगोह के गांव बुड्ढाखेडा निवासी रामनाथ, नरेश कुमार, रामा, मुकेश, विकास, कर्मदास, सुशील, रामदास आदि ने जनपद के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही को ज्ञापन सौंपकर ग्राम प्रधान पर सांप्रदायिकता फैलाने और निर्माण कार्यों में मानकों के विपरीत धांधलेबाजी और घोटाले करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि शौचालयों की जांच में मुख्य विकास अधिकारी को भारी अनियमितता मिलने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत सचिव एवं प्रधान की जांच किसी दबाव में आकर बीच में ही रुकवा दी। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि शौचालय निर्माण के लिए आए 72 लाख रुपये में से मात्र तीस लाख रुपये खर्च कर बकाया 42 लाख का घोटाला कर लिया गया है। उन्होंने शौचालयों और अन्य निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बता दें कि क्षेत्र के लोहिया गांवों में बड़ी संख्या में शौचालयों के निर्माण के अलावा अन्य विकास कार्यों के लिए सरकार की ओर से भारी बजट स्वीकृत किया गया था। इसके बाद से ही कुछ ग्राम प्रधानों और सचिवों पर मिलीभगत कर कागजी काम दर्शाकर सरकारी धन के गबन के आरोप लगाते आ रहे है। कुछ माह पूर्व तत्कालीन सीडीओ दीपक मीणा द्वारा गांव खानपुर गुर्जर में की गई जांच में भी आरोपों में सत्यता पाई गई थी। जांच में महिला ग्राम प्रधान और सचिव को शौचालय निर्माण में भारी अनियमितता कर करीब 44 लाख के गबन का दोषी मानकर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई थी। तभी से गांव कुंडाकलां और गांव बुड्ढाखेडा के ग्रामीण भी जांच की मांग करते आ रहे है। बुधवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर गांव कुंडाकलां पहुंची टीम प्रधान और सचिव के नहीं आने पर अधूरी जांच कर लौट आई थी। ग्रामीणों के अनुसार यदि निष्पक्ष रूप से जांच की जाए तो करोड़ों का घपला सामने आएगा।
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गंगोह (सहारनपुर)। क्षेत्र के लोहिया गांवों में स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत बनाए गए शौचालयों सहित अन्य विकास कार्यों में अनियमितता के आरोपों का सिलसिला जारी है। गांव खानपुर गुर्जर में प्रधान एवं सचिव पर कार्रवाई होने के बाद अब गांव कुंडाकलां और बुडढाखेडा के ग्रामीण भी लगातार जांच की मांग कर रहे हैं। बुडढाखेडा के ग्रामीणों ने जिले के प्रभारी मंत्री से उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
गंगोह के गांव बुड्ढाखेडा निवासी रामनाथ, नरेश कुमार, रामा, मुकेश, विकास, कर्मदास, सुशील, रामदास आदि ने जनपद के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही को ज्ञापन सौंपकर ग्राम प्रधान पर सांप्रदायिकता फैलाने और निर्माण कार्यों में मानकों के विपरीत धांधलेबाजी और घोटाले करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि शौचालयों की जांच में मुख्य विकास अधिकारी को भारी अनियमितता मिलने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत सचिव एवं प्रधान की जांच किसी दबाव में आकर बीच में ही रुकवा दी। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि शौचालय निर्माण के लिए आए 72 लाख रुपये में से मात्र तीस लाख रुपये खर्च कर बकाया 42 लाख का घोटाला कर लिया गया है। उन्होंने शौचालयों और अन्य निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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बता दें कि क्षेत्र के लोहिया गांवों में बड़ी संख्या में शौचालयों के निर्माण के अलावा अन्य विकास कार्यों के लिए सरकार की ओर से भारी बजट स्वीकृत किया गया था। इसके बाद से ही कुछ ग्राम प्रधानों और सचिवों पर मिलीभगत कर कागजी काम दर्शाकर सरकारी धन के गबन के आरोप लगाते आ रहे है। कुछ माह पूर्व तत्कालीन सीडीओ दीपक मीणा द्वारा गांव खानपुर गुर्जर में की गई जांच में भी आरोपों में सत्यता पाई गई थी। जांच में महिला ग्राम प्रधान और सचिव को शौचालय निर्माण में भारी अनियमितता कर करीब 44 लाख के गबन का दोषी मानकर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई थी। तभी से गांव कुंडाकलां और गांव बुड्ढाखेडा के ग्रामीण भी जांच की मांग करते आ रहे है। बुधवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर गांव कुंडाकलां पहुंची टीम प्रधान और सचिव के नहीं आने पर अधूरी जांच कर लौट आई थी। ग्रामीणों के अनुसार यदि निष्पक्ष रूप से जांच की जाए तो करोड़ों का घपला सामने आएगा।
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