फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   भारत बंद पर बसपा सुप्रीमो ने मांगी रिपोर्ट

भारत बंद पर बसपा सुप्रीमो ने मांगी रिपोर्ट

Thu, 05 Apr 2018 12:08 AM IST
Updated Thu, 05 Apr 2018 12:08 AM IST
विज्ञापन
भारत बंद पर बसपा सुप्रीमो ने मांगी रिपोर्ट
सहारनपुर। दलितों के भारत बंद के आंदोलन के बाद बसपा सुप्रीमो ने जिले के पदाधिकारियों से आंदोलन का अपडेट मांगा है। जिस पर जिले के पदाधिकारियों से लेकर छोटे से छोटे कार्यकर्ता की सूची तैयार की जा रही है, जिसने आंदोलन में भागेदारी की। इस आंदोलन में दलितों के एकजुट होकर सामने आने से बसपा सक्रिय हो गई है और पदाधिकारियों को दलित संगठनों से संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन

वेस्ट यूपी में कमजोर माने जाने वर्ग ने दो अप्रैल को न सिर्फ अपनी ताकत दिखाई, बल्कि एकजुटता भी देखने को मिली। बिना किसी एक नेतृत्व में इतनी बड़ी संख्या में आंदोलन के लिए निकल कर सड़कों पर उतर जाने के चलते उस भीड़ को पुलिस और प्रशासन संभाल नहीं पाई। पूरा आंदोलन पुलिस और प्रशासन के नियंत्रण से बाहर रहा।
विज्ञापन

दलित संगठनों की इस एकता ने बसपा की सक्रियता को एक बार फिर बढ़ा दिया है। बसपा को अपना वोट बैंक वापस आता नजर आ रहा है। बसपाई सूत्रों के अनुसार भारत बंद पर पूरे वेस्ट यूपी से बसपा हाईकमान ने रिपोर्ट तलब की है। यह भी जानकारी मांगी गई है कि आंदोलन में कौन से पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे। बताया जा रहा है कि आंदोलन में शामिल होने के लिए पदाधिकारियों को पहले ही निर्देश दे दिए गए थे। बसपा हाईकमान ने आंदोलन में शामिल होने वाले पदाधिकारियों और छोटे से छोटे कार्यकर्ता का नाम समेत सूची मांगी है। जिससे यह पता चल सके कि बसपा के कितने कार्यकर्ता सक्रियता दिखा पाए और दलितों को एकजुट करने में कामयाब हो सके। पदाधिकारी इस सूची को तैयार करने में जुटे हुए हैं। दो दिन से बसपा पदाधिकारियों की बैठकें की जा रहीं हैं। इन पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से दलित संगठनों को छिटकने न देने और लगातार संपर्क में रहने के भी निर्देश दिए गए हैं। बसपा जिलाध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद का कहना है कि दलितों के आंदोलन में बसपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए हैं। हालांकि बसपा कार्यकर्ताओं ने न तो कहीं हिंसा की है और न ही किसी अन्य कानून का उल्लंघन किया है। आंदोलन में शामिल होने वालों की अभी सूची नहीं बनी है। बैठकें लगातार की जा रहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed