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गांगनौली और शेरमऊ की चीनी एवं शीरा संयुक्त अभिरक्षा में लिया
Updated Sun, 05 Nov 2017 12:58 AM IST
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गांगनौली और शेरमऊ की चीनी, शीरा अभिरक्षा में लिया
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। जिलाधिकारी पीके पांडेय ने जिले की सभी चीनी मिलों के लिए पेराई सत्र 2017-18 में गन्ना मूल्य भुगतान सुनिश्चित किए जाने के उद्देश्य से टैगिंग आदेश जारी कर दिए है। गांगनौली, शेरमऊ और गागलहेड़ी चीनी मिलों की सीसीएल अभी तक नहीं है और गांगनौली और शेरमऊ मिल पर अभी पेराई सत्र 2016-17 का गन्ना भुगतान बकाया है। इसके चलते इन मिलों द्वारा उत्पादित चीनी, शीरा, बगास और प्रेसमड के स्टॉक को संबंधित उपजिलाधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी और चीनी मिल के अध्यासी की संयुक्त अभिरक्षा में ले लिया गया है। इस स्टॉक की बिक्री से प्राप्त होने वाली धनराशि के 85 प्रतिशत का उपयोग चीनी मिल के एस्क्रो खाते में जमा कराकर गन्ना भुगतान करने के लिए किया जाएगा।
जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी ने बताया कि चीनी मिल शेरमऊ, गागलहेड़ी और गांगनौली ने अभी तक एस्क्रो खाते नहीं खोले हैं। इसलिए इनके चीनी सहित अन्य स्टॉक की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। इन चीनी मिलों द्वारा एस्क्रो एकाउंट खोलने अथवा एडवांस भुगतान करने पर ही चीनी की बिक्री करने दी जाएगी। इन चीनी मिलों के यूनिट हेड और अध्यासियों को यह भी निर्देश दे दिए गए हैं कि यदि उनके द्वारा कोई अनियमितता की गई तो उनके और निदेशक मंडल के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 में वर्णित प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि नए सत्र में देवबंद और शेरमऊ चीनी मिल द्वारा छह नवंबर को भुगतान का भरोसा दिलाया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। जिलाधिकारी पीके पांडेय ने जिले की सभी चीनी मिलों के लिए पेराई सत्र 2017-18 में गन्ना मूल्य भुगतान सुनिश्चित किए जाने के उद्देश्य से टैगिंग आदेश जारी कर दिए है। गांगनौली, शेरमऊ और गागलहेड़ी चीनी मिलों की सीसीएल अभी तक नहीं है और गांगनौली और शेरमऊ मिल पर अभी पेराई सत्र 2016-17 का गन्ना भुगतान बकाया है। इसके चलते इन मिलों द्वारा उत्पादित चीनी, शीरा, बगास और प्रेसमड के स्टॉक को संबंधित उपजिलाधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी और चीनी मिल के अध्यासी की संयुक्त अभिरक्षा में ले लिया गया है। इस स्टॉक की बिक्री से प्राप्त होने वाली धनराशि के 85 प्रतिशत का उपयोग चीनी मिल के एस्क्रो खाते में जमा कराकर गन्ना भुगतान करने के लिए किया जाएगा।
जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी ने बताया कि चीनी मिल शेरमऊ, गागलहेड़ी और गांगनौली ने अभी तक एस्क्रो खाते नहीं खोले हैं। इसलिए इनके चीनी सहित अन्य स्टॉक की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। इन चीनी मिलों द्वारा एस्क्रो एकाउंट खोलने अथवा एडवांस भुगतान करने पर ही चीनी की बिक्री करने दी जाएगी। इन चीनी मिलों के यूनिट हेड और अध्यासियों को यह भी निर्देश दे दिए गए हैं कि यदि उनके द्वारा कोई अनियमितता की गई तो उनके और निदेशक मंडल के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 में वर्णित प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि नए सत्र में देवबंद और शेरमऊ चीनी मिल द्वारा छह नवंबर को भुगतान का भरोसा दिलाया है।
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