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सरकार की वादा खिलाफी से किसान नाराज
Updated Wed, 12 Sep 2018 12:21 AM IST
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सरकार की वादाखिलाफी से किसान नाराज
सहारनपुर। देवबंद विधानसभा क्षेत्र के दर्जनों गांव के किसान सरकार की वादाखिलाफी से नाराज हैं। 35 वर्षों से किसान रजबहे नल्हेड़ा माइनर टेल जड़ौदापांडा में गंगा नदी से पानी दिए जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। किसानों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर दोबारा मांग उठाई है।
किसानों का कहना है कि चुनाव से पूर्व भाजपा नेताओं ने सरकार बनने के 15 दिन के अंदर ही रजबहे में गंगा नदी से पानी दिलाए जाने का आश्वासन दिया था। गांव मोरा, ऊमरी, तिलफरा, नयागांव, बाल्लूमाजरा, हसनपुर लोटनी, जड़ौदापांडा, जयपुर, शेरपुर, घिसरपड़ी, किशनपुरा, कानाहेड़ी, सिंसौनी सहित दर्जनों गांव के किसान पानी नहीं मिलने से खेती नहीं कर पा रहे हैं। इसको लेकर किसान 35 वर्षों से आंदोलनरत हैं। पिछले वर्ष 21 मई को किसान अरविंद त्यागी ने आत्मदाह की चेतावनी दी थी, जिसे पुलिस ने नजरबंद कर दिया था। अधिकारियों ने जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन देकर आत्मदाह करने से किसान को रोक लिया था, लेकिन मांग आज भी जस की तस है। सतेंद्र त्यागी, मोनू, राकेश त्यागी, विनोद प्रधान, बिजेंद्र राणा, कुशलपाल त्यागी, प्रिंस त्यागी, नरेंद्र, शिव कुमार मौजूद रहे।
सहारनपुर को विशेष सुविधाएं देने की मांग
सहारनपुर। अखिल भारतीय राष्ट्रवादी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह गुर्जर ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर सहारनपुर को विशेष सुविधाएं देने की मांग की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड बनने के बाद सहारनपुर से देहरादून और हरिद्वार को अलग कर दिया गया। कभी सहारनपुर सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला जिला था, लेकिन अब जनपद की दुर्दशा हो रही है। उन्होंने सहारनपुर को पर्यटन स्थल की सूची में शामिल करने, हाईकोर्ट बेंच की स्थापना, औद्योगीकरण को बढ़ावा, विश्व विद्यालय की स्थापना, पिलखनी स्थित मेडिकल कॉलेज में उच्च सुविधाएं देने की मांग की।
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सहारनपुर। देवबंद विधानसभा क्षेत्र के दर्जनों गांव के किसान सरकार की वादाखिलाफी से नाराज हैं। 35 वर्षों से किसान रजबहे नल्हेड़ा माइनर टेल जड़ौदापांडा में गंगा नदी से पानी दिए जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। किसानों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर दोबारा मांग उठाई है।
किसानों का कहना है कि चुनाव से पूर्व भाजपा नेताओं ने सरकार बनने के 15 दिन के अंदर ही रजबहे में गंगा नदी से पानी दिलाए जाने का आश्वासन दिया था। गांव मोरा, ऊमरी, तिलफरा, नयागांव, बाल्लूमाजरा, हसनपुर लोटनी, जड़ौदापांडा, जयपुर, शेरपुर, घिसरपड़ी, किशनपुरा, कानाहेड़ी, सिंसौनी सहित दर्जनों गांव के किसान पानी नहीं मिलने से खेती नहीं कर पा रहे हैं। इसको लेकर किसान 35 वर्षों से आंदोलनरत हैं। पिछले वर्ष 21 मई को किसान अरविंद त्यागी ने आत्मदाह की चेतावनी दी थी, जिसे पुलिस ने नजरबंद कर दिया था। अधिकारियों ने जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन देकर आत्मदाह करने से किसान को रोक लिया था, लेकिन मांग आज भी जस की तस है। सतेंद्र त्यागी, मोनू, राकेश त्यागी, विनोद प्रधान, बिजेंद्र राणा, कुशलपाल त्यागी, प्रिंस त्यागी, नरेंद्र, शिव कुमार मौजूद रहे।
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सहारनपुर को विशेष सुविधाएं देने की मांग
सहारनपुर। अखिल भारतीय राष्ट्रवादी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह गुर्जर ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर सहारनपुर को विशेष सुविधाएं देने की मांग की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड बनने के बाद सहारनपुर से देहरादून और हरिद्वार को अलग कर दिया गया। कभी सहारनपुर सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला जिला था, लेकिन अब जनपद की दुर्दशा हो रही है। उन्होंने सहारनपुर को पर्यटन स्थल की सूची में शामिल करने, हाईकोर्ट बेंच की स्थापना, औद्योगीकरण को बढ़ावा, विश्व विद्यालय की स्थापना, पिलखनी स्थित मेडिकल कॉलेज में उच्च सुविधाएं देने की मांग की।
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