{"_id":"5b33df774f1c1bc57b8b4793","slug":"181530126199-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन तलाक के वादी ने की हमलावरों को गिरफ्तार करने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन तलाक के वादी ने की हमलावरों को गिरफ्तार करने की मांग
Updated Thu, 28 Jun 2018 12:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। उच्चतम न्यायालय में तीन तलाक के मुकदमे की वादी और सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता फराह फैज ने एसएसपी से मिलकर ट्रेन में दो साल पहले हमला करने वालों की गिरफ्तारी में सहयोग मांगा है।
बुधवार को फराह फैज ने एसएसपी उपेंद्र अग्रवाल से मिलकर बताया कि उन पर 17 जून 2016 को ट्रेन में सफर करते हुए हमला हुआ था। वह स्वर्ण मंदिर मेल रेलगाड़ी द्वारा हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से सहारनपुर आने के लिए सवार हुई थी। इसी बीच उन पर हमला किया गया। जिसमें उनकी हड्डी भी टूट गई थी। इसकी रिपोर्ट थाना जीआरपी सहारनपुर पर दर्ज कराई गई थी। इसके बाद यह रिपोर्ट जीआरपी निजामुद्दीन दिल्ली को स्थानांतरित कर दी गई। तभी से यह जांच लंबित है। पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने के कारण तीस हजारी कोर्ट के माध्यम से हमलावरों को गिरफ्तार करने और कट्टरपंथी ताकतों को जवाब देने के लिए वाद दायर किया गया। उन्हें शक है कि दारुल उलूम के कुछ छात्र हमले में शामिल रहे हैं। इस मामले में दो जुलाई 2018 को सुनवाई होनी है। जबकि कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को हमलावरों की पहचान कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एसएसपी उपेंद्र अग्रवाल से आरोपियों को गिरफ्तार कराने में सहयोग का अनुरोध किया।
विज्ञापन
बुधवार को फराह फैज ने एसएसपी उपेंद्र अग्रवाल से मिलकर बताया कि उन पर 17 जून 2016 को ट्रेन में सफर करते हुए हमला हुआ था। वह स्वर्ण मंदिर मेल रेलगाड़ी द्वारा हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से सहारनपुर आने के लिए सवार हुई थी। इसी बीच उन पर हमला किया गया। जिसमें उनकी हड्डी भी टूट गई थी। इसकी रिपोर्ट थाना जीआरपी सहारनपुर पर दर्ज कराई गई थी। इसके बाद यह रिपोर्ट जीआरपी निजामुद्दीन दिल्ली को स्थानांतरित कर दी गई। तभी से यह जांच लंबित है। पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने के कारण तीस हजारी कोर्ट के माध्यम से हमलावरों को गिरफ्तार करने और कट्टरपंथी ताकतों को जवाब देने के लिए वाद दायर किया गया। उन्हें शक है कि दारुल उलूम के कुछ छात्र हमले में शामिल रहे हैं। इस मामले में दो जुलाई 2018 को सुनवाई होनी है। जबकि कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को हमलावरों की पहचान कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एसएसपी उपेंद्र अग्रवाल से आरोपियों को गिरफ्तार कराने में सहयोग का अनुरोध किया।
विज्ञापन