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स्मार्ट सिटी के 51 हजार घरों में नहीं पेयजल कनेक्शन
Updated Wed, 16 May 2018 12:20 AM IST
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स्मार्ट सिटी के 51 हजार घरों में नहीं पेयजल कनेक्शन
सहारनपुर। स्मार्ट सिटी सहारनपुर में 51 हजार परिवारों के पास पानी का कनेक्शन नहीं है। इनमें ज्यादातर परिवार उन 32 गांवों के हैं। उन्हें नगर निगम बनाने के दौरान शहर में शामिल किया गया था। आलम यह है कि यह गांवों के अनेक परिवारों के पास अपना हैंडपंप तक नहीं है। ऐसे में वह सरकारी हैंड पंपों पर निर्भर हैं।
नगर निगम क्षेत्र में करीब एक लाख 29 हजार मकान हैं। नगर निगम का जलकल विभाग अभी तक 78 हजार घरों में कनेक्शन दे सका है। बाकी के परिवार अपने स्तर से पेयजल की व्यवस्था करते आ रहे हैं। शहरी क्षेत्र की ही अनेक कालोनियों में अभी तक पेयजल की लाइन नहीं पहुंच सकी है। इनमें विकास भवन के पीछे स्थित मनोहरपुर भी शामिल है। स्थानीय निवासी सुनीता, रामपाल, हेमलता, उमेश कुमार, जयवती और ममता ने बताया कि वह वर्षों ने नगर निगम में प्रार्थना पत्र देकर पेयजल व्यवस्था करने की मांग कर चुके हैं। मगर नगर निगम आज तक उनकी मांग की अनदेखी करता रहा है।
संदीपा और पूनम ने बताया कि उनके मोहल्ले में दर्जनों घरों पर एक सरकारी हैंडपंप है, जिससे वह पानी भरते हैं। ऐसे में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वर्ष 2009 में नगर निगम बनने के दौरान शहर में शामिल किए गए 32 गांवों में भी नगर निगम अभी तक पेयजल की व्यवस्था नहीं कर सका है। यहां लोग हैंडपंपों पर निर्भर हैं। अनेक जगहों पर सरकारी हैंडपंप गरीबों का बड़ा सहारा बने हैं।
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नलों में नहीं पहुंच रहा पर्याप्त पानी
शहर की अनेक कालोनियों के नलों में पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच रहा है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि मिशन कंपाउंड में बना नगर निगम का ट्यूबवेल की क्षमता कम होने की वजह से वह सभी घरों में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। माधोनगर, जवाहर पार्क और ज्वाला नगर में भी ऐसी ही समस्या बनी हुई है। जल कल विभाग के अफसरों का कहना है कि गर्मी के दिनों में जल स्तर घटने और पानी की खपत बढ़ने की वजह से ऐसी समस्या बनती है।
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कालोनी बसी नहीं डाल दी पाइपलाइन
एक तरफ वर्षों से बसी कालोनियों में नगर निगम अभी तक पानी के कनेक्शन नहीं दे सका है, वहीं दूसरी ओर जल कल विभाग ने कुछ ऐसी कालोनियों में भी पानी की लाइन डाल दी है, जो अभी तक बसी नहीं हैं और अवैध हैं। इसका बेहतर उदाहरण शकलापुरी मार्ग पर बसी काटी गई कालोनियां हैं। नगर निगम ने करीब दो साल से इन कालेजों तक पेयजल की लाइन डाली हुई है, जबकि इन कॉलोनियों में पांच फीसदी प्लॉट में भी अभी तक मकान नहीं बन सके हैं।
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कुछ कालेजों से पेयजल की सुविधा न होने की शिकायतें मिली हैं। हकीकत यह है कि शहर की अनेक कालोनियों में अमृत योजना के तहत पेयजल की व्यवस्था की जानी है। मनोहरपुर भी उनमें से एक है। ऐसे में जल कल विभाग अपने स्तर से कुछ नहीं कर सकता है। रही बात पानी की सप्लाई कम होने की तो गर्मी में ऐसी समस्या बन जाती है। मगर यदि कहीं से कोई शिकायत मिलती है तो हम उसे दूर करने को तैयार हैं।
अमरनाथ श्रीवास्तव, महाप्रबंधक, जलकल विभाग।
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सहारनपुर। स्मार्ट सिटी सहारनपुर में 51 हजार परिवारों के पास पानी का कनेक्शन नहीं है। इनमें ज्यादातर परिवार उन 32 गांवों के हैं। उन्हें नगर निगम बनाने के दौरान शहर में शामिल किया गया था। आलम यह है कि यह गांवों के अनेक परिवारों के पास अपना हैंडपंप तक नहीं है। ऐसे में वह सरकारी हैंड पंपों पर निर्भर हैं।
नगर निगम क्षेत्र में करीब एक लाख 29 हजार मकान हैं। नगर निगम का जलकल विभाग अभी तक 78 हजार घरों में कनेक्शन दे सका है। बाकी के परिवार अपने स्तर से पेयजल की व्यवस्था करते आ रहे हैं। शहरी क्षेत्र की ही अनेक कालोनियों में अभी तक पेयजल की लाइन नहीं पहुंच सकी है। इनमें विकास भवन के पीछे स्थित मनोहरपुर भी शामिल है। स्थानीय निवासी सुनीता, रामपाल, हेमलता, उमेश कुमार, जयवती और ममता ने बताया कि वह वर्षों ने नगर निगम में प्रार्थना पत्र देकर पेयजल व्यवस्था करने की मांग कर चुके हैं। मगर नगर निगम आज तक उनकी मांग की अनदेखी करता रहा है।
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संदीपा और पूनम ने बताया कि उनके मोहल्ले में दर्जनों घरों पर एक सरकारी हैंडपंप है, जिससे वह पानी भरते हैं। ऐसे में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वर्ष 2009 में नगर निगम बनने के दौरान शहर में शामिल किए गए 32 गांवों में भी नगर निगम अभी तक पेयजल की व्यवस्था नहीं कर सका है। यहां लोग हैंडपंपों पर निर्भर हैं। अनेक जगहों पर सरकारी हैंडपंप गरीबों का बड़ा सहारा बने हैं।
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नलों में नहीं पहुंच रहा पर्याप्त पानी
शहर की अनेक कालोनियों के नलों में पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच रहा है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि मिशन कंपाउंड में बना नगर निगम का ट्यूबवेल की क्षमता कम होने की वजह से वह सभी घरों में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। माधोनगर, जवाहर पार्क और ज्वाला नगर में भी ऐसी ही समस्या बनी हुई है। जल कल विभाग के अफसरों का कहना है कि गर्मी के दिनों में जल स्तर घटने और पानी की खपत बढ़ने की वजह से ऐसी समस्या बनती है।
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कालोनी बसी नहीं डाल दी पाइपलाइन
एक तरफ वर्षों से बसी कालोनियों में नगर निगम अभी तक पानी के कनेक्शन नहीं दे सका है, वहीं दूसरी ओर जल कल विभाग ने कुछ ऐसी कालोनियों में भी पानी की लाइन डाल दी है, जो अभी तक बसी नहीं हैं और अवैध हैं। इसका बेहतर उदाहरण शकलापुरी मार्ग पर बसी काटी गई कालोनियां हैं। नगर निगम ने करीब दो साल से इन कालेजों तक पेयजल की लाइन डाली हुई है, जबकि इन कॉलोनियों में पांच फीसदी प्लॉट में भी अभी तक मकान नहीं बन सके हैं।
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कुछ कालेजों से पेयजल की सुविधा न होने की शिकायतें मिली हैं। हकीकत यह है कि शहर की अनेक कालोनियों में अमृत योजना के तहत पेयजल की व्यवस्था की जानी है। मनोहरपुर भी उनमें से एक है। ऐसे में जल कल विभाग अपने स्तर से कुछ नहीं कर सकता है। रही बात पानी की सप्लाई कम होने की तो गर्मी में ऐसी समस्या बन जाती है। मगर यदि कहीं से कोई शिकायत मिलती है तो हम उसे दूर करने को तैयार हैं।
अमरनाथ श्रीवास्तव, महाप्रबंधक, जलकल विभाग।