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भटठों पर श्रम कानून लागू कराए डीएलसी
Updated Tue, 08 May 2018 11:45 PM IST
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श्रम कानून को लागू कराने की मांग, डीएलसी से मिले श्रमिक नता
सहारनपुर। भट्ठों पर श्रम कानून को लागू कराने की मांग को लेकर मंगलवार को श्रमिक नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपश्रमायुक्त मधुर सिंह से भेंट की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि श्रम कानून का पालन नहीं किया गया तो भट्ठा मजदूर आंदोलन करेंगे।
मंगलवार को ईंट भट्ठा मजदूर यूनियन के अध्यक्ष तिलकराज भाटिया के नेतृत्व में उपश्रमायुक्त से मिले एक प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि भट्ठों के मालिक श्रम कानूनों की जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं। कहा कि भट्ठा मालिक ना तो पथाई रेट में बढ़ोत्तरी कर रहे हैं और ना ही वहां पर शौचालय की सुविधा है। प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत पर जोर दे रहे हैं लेकिन भट्ठों पर शौचालय की सुविधा नहीं होने से महिला और पुरुष मजदूरों को खुले में शौच जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कहा कि भट्ठों पर मजदूरों के बच्चों के लिए शिक्षा के लिए कोई प्रबंध नहीं है। जिससे बड़ी संख्या में श्रमिकों के बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने रहने की व्यवस्था करने के साथ ही मेडिकल आदि सुविधाएं भी भट्ठों पर उपलब्ध कराने की मांग की। श्रमिक नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी इन कानून सम्मत मांगों को नहीं माना गया तो भट्ठा मजदूर अनिश्चितकालीन आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस दौरान बाबूराम कटारिया, जनेश्वर प्रसाद, करेशन, यशपाल आदि रहे।
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सहारनपुर। भट्ठों पर श्रम कानून को लागू कराने की मांग को लेकर मंगलवार को श्रमिक नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपश्रमायुक्त मधुर सिंह से भेंट की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि श्रम कानून का पालन नहीं किया गया तो भट्ठा मजदूर आंदोलन करेंगे।
मंगलवार को ईंट भट्ठा मजदूर यूनियन के अध्यक्ष तिलकराज भाटिया के नेतृत्व में उपश्रमायुक्त से मिले एक प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि भट्ठों के मालिक श्रम कानूनों की जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं। कहा कि भट्ठा मालिक ना तो पथाई रेट में बढ़ोत्तरी कर रहे हैं और ना ही वहां पर शौचालय की सुविधा है। प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत पर जोर दे रहे हैं लेकिन भट्ठों पर शौचालय की सुविधा नहीं होने से महिला और पुरुष मजदूरों को खुले में शौच जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कहा कि भट्ठों पर मजदूरों के बच्चों के लिए शिक्षा के लिए कोई प्रबंध नहीं है। जिससे बड़ी संख्या में श्रमिकों के बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने रहने की व्यवस्था करने के साथ ही मेडिकल आदि सुविधाएं भी भट्ठों पर उपलब्ध कराने की मांग की। श्रमिक नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी इन कानून सम्मत मांगों को नहीं माना गया तो भट्ठा मजदूर अनिश्चितकालीन आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस दौरान बाबूराम कटारिया, जनेश्वर प्रसाद, करेशन, यशपाल आदि रहे।
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