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दो दिन की हड़ताल से प्रभावित हुआ 1800 करोड़ का लेनदेन
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सहारनपुर। निजीकरण के विरोध में बैंक कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ शुक्रवार को भी प्रदर्शन किया। दो दिन की हड़ताल से 1800 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है। वहीं, एटीएम में नकदी खत्म होने की वजह से लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा है।
शुक्रवार को भी जिलेभर में विभिन्न बैंकों की 270 शाखाओं पर ताले लटके रहे। युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के नेतृत्व में बैंक कर्मचारियों ने कोर्ट रोड स्थित एसबीआई की शाखा के बाहर प्रदर्शन कर निजीकरण का विरोध जताया और कर्मचारी हड़ताल पर रहे। संयोजक संजय शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार बैंकों का निजीकरण करने जा रही है, जो न ही जनता के हित में है और न ही कर्मचारियों में। यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष राजीव जैन व सचिव प्रदीप कुमार ने कहा कि बैंक कर्मचारी निजीकरण का विरोध करते रहेंगे। सरकार कुछ बड़े घरानों को बैंक बेचना चाहती है। इसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस दौरान राजीव माहेश्वरी, एनके बंसल, अतुल चोपड़ा, संजय शर्मा, नवनीत कुमार, अशोक कुमार, राहुल कपिल, ओपी शिवा, मेघराम, उपेंद्र शर्मा, नावेद अली, नीरज रस्तौगी, अमित, स्वरूप अरोड़ा, रोहित कांबोज सहित बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी शामिल रहे। उधर, एलडीएम संतोष कुमार ने बताया कि दो दिन की हड़ताल से करीब 1800 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है।
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बैंक कर्मचारी शामिल रहे। उधर, एलडीएम संतोष कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को हड़ताल से बैंकों में करीब एक हजार करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है।
व्यापारी व नागरिक हुए परेशान
बैंकों की हड़ताल की वजह से जिले में कई जगहों पर एटीएम में कैश खत्म हो गया, जिस वजह से लोगों को परेेशानी का सामना करना पड़ा है। राकेश पटरी के लोहा कारोबारी वैभव भाटिया, कोर्ट रोड स्थित किरयाना कारोबारी और किशनपुरा के दवा कारोबारी का कहना है कि हड़ताल से परेेेशानी झेलनी पड़ी है। व्यापार से संबंधित उनका लेनदेन रुक गया।
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शुक्रवार को भी जिलेभर में विभिन्न बैंकों की 270 शाखाओं पर ताले लटके रहे। युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के नेतृत्व में बैंक कर्मचारियों ने कोर्ट रोड स्थित एसबीआई की शाखा के बाहर प्रदर्शन कर निजीकरण का विरोध जताया और कर्मचारी हड़ताल पर रहे। संयोजक संजय शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार बैंकों का निजीकरण करने जा रही है, जो न ही जनता के हित में है और न ही कर्मचारियों में। यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष राजीव जैन व सचिव प्रदीप कुमार ने कहा कि बैंक कर्मचारी निजीकरण का विरोध करते रहेंगे। सरकार कुछ बड़े घरानों को बैंक बेचना चाहती है। इसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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इस दौरान राजीव माहेश्वरी, एनके बंसल, अतुल चोपड़ा, संजय शर्मा, नवनीत कुमार, अशोक कुमार, राहुल कपिल, ओपी शिवा, मेघराम, उपेंद्र शर्मा, नावेद अली, नीरज रस्तौगी, अमित, स्वरूप अरोड़ा, रोहित कांबोज सहित बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी शामिल रहे। उधर, एलडीएम संतोष कुमार ने बताया कि दो दिन की हड़ताल से करीब 1800 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है।
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बैंक कर्मचारी शामिल रहे। उधर, एलडीएम संतोष कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को हड़ताल से बैंकों में करीब एक हजार करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है।
व्यापारी व नागरिक हुए परेशान
बैंकों की हड़ताल की वजह से जिले में कई जगहों पर एटीएम में कैश खत्म हो गया, जिस वजह से लोगों को परेेशानी का सामना करना पड़ा है। राकेश पटरी के लोहा कारोबारी वैभव भाटिया, कोर्ट रोड स्थित किरयाना कारोबारी और किशनपुरा के दवा कारोबारी का कहना है कि हड़ताल से परेेेशानी झेलनी पड़ी है। व्यापार से संबंधित उनका लेनदेन रुक गया।