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ग्रामीणों ने लाठी डंडे लेकर रोके खनन से भरे वाहन
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बेहट (सहारनपुर)। खनन को लेकर माइनिंग कंपनियों एवं क्षेत्रीय ग्रामीणों में तनातनी का माहौल है। शुक्रवार को भी यमुना नदी के कड़ाई वाला घाट पर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों ने मिलकर खनिज से भरे वाहनों को रोक लिया और जमकर हंगामा किया। हाथों में लाठी डंडे लिए घूम रहे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि माइनिंग कंपनियों के द्वारा कड़ाई वाला घाट पर अवैध खनन कराया जा रहा है, जिसे किसी भी सूरत में नहीं होने दिया जाएगा।
गांव जानीपुर के ग्रामीण फुरकान को पीट-पीट कर लहूलुहान करने की घटना के बाद तो ग्रामीण और भी आक्रामक हो गए है। बृहस्पतिवार को तहसील में धरना प्रदर्शन के बाद शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन के साथ मिलकर क्षेत्रीय ग्रामीणों ने यमुना नदी के कड़ाई वाला घाट पर खनिज से भरे वाहनों को रोक लिया। भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता जहां सैद मोहम्मदपुर गढ़ गांव में बीच रास्ते पर धरना देकर बैठ गए, वहीं ग्रामीणों की भीड़ ने हाथों में लाठी डंडे लेकर यमुना नदी की तरफ से खनिज लेकर आ रहे वाहनों को एक-एक करके रोकना शुरू कर दिया। इस दौरान जमकर हंगामा भी हुआ। भाकियू के तहसील अध्यक्ष घनश्याम सिंह राणा, आलिम प्रधान, राव आतिफ, नौशाद प्रधान, वहीद, प्रदीप चौधरी, हरिओम प्रधान, मांगेराम, सुदेश प्रधान, शिवकुमार, अनुज कश्यप, राकिब अली, राव शमीम, रईस खान, शहजाद मलिक आदि का कहना था कि जब माइनिंग कंपनियों का खनन पट्टा नुनियारी अहतमाल में है, तो यमुना नदी के कड़ाई वाला घाट पर दिन दहाड़े प्रतिबंधित मशीनों से अवैध खनन क्यों किया जा रहा है? उनका यह भी आरोप था कि पुलिस प्रशासन भी सूचना दिए जाने के बाद कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। करीब 4 बजे तक चले हंगामे के बाद ग्रामीणों की भीड़ ने खुद ही खनिज से भरे सभी वाहनों को खाली कराया और वापस भेज दिया। ग्रामीणों ने वाहन चालकों को चेतावनी दी है कि यदि शनिवार से यमुना नदी में कहीं भी अवैध खनन किया गया और वाहनों में भरकर खनिज लाया गया तो उनकी खैर नहीं।
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गांव जानीपुर के ग्रामीण फुरकान को पीट-पीट कर लहूलुहान करने की घटना के बाद तो ग्रामीण और भी आक्रामक हो गए है। बृहस्पतिवार को तहसील में धरना प्रदर्शन के बाद शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन के साथ मिलकर क्षेत्रीय ग्रामीणों ने यमुना नदी के कड़ाई वाला घाट पर खनिज से भरे वाहनों को रोक लिया। भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता जहां सैद मोहम्मदपुर गढ़ गांव में बीच रास्ते पर धरना देकर बैठ गए, वहीं ग्रामीणों की भीड़ ने हाथों में लाठी डंडे लेकर यमुना नदी की तरफ से खनिज लेकर आ रहे वाहनों को एक-एक करके रोकना शुरू कर दिया। इस दौरान जमकर हंगामा भी हुआ। भाकियू के तहसील अध्यक्ष घनश्याम सिंह राणा, आलिम प्रधान, राव आतिफ, नौशाद प्रधान, वहीद, प्रदीप चौधरी, हरिओम प्रधान, मांगेराम, सुदेश प्रधान, शिवकुमार, अनुज कश्यप, राकिब अली, राव शमीम, रईस खान, शहजाद मलिक आदि का कहना था कि जब माइनिंग कंपनियों का खनन पट्टा नुनियारी अहतमाल में है, तो यमुना नदी के कड़ाई वाला घाट पर दिन दहाड़े प्रतिबंधित मशीनों से अवैध खनन क्यों किया जा रहा है? उनका यह भी आरोप था कि पुलिस प्रशासन भी सूचना दिए जाने के बाद कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। करीब 4 बजे तक चले हंगामे के बाद ग्रामीणों की भीड़ ने खुद ही खनिज से भरे सभी वाहनों को खाली कराया और वापस भेज दिया। ग्रामीणों ने वाहन चालकों को चेतावनी दी है कि यदि शनिवार से यमुना नदी में कहीं भी अवैध खनन किया गया और वाहनों में भरकर खनिज लाया गया तो उनकी खैर नहीं।
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