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नियमों को ताक पर रखकर की नियुक्ति निरस्त, सचिव निलंबित
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नानौता (सहारनपुर)। साधन सहकारी समिति लिमिटेड तिलफरा ऐनाबाद, नानौता में अवैध रूप से सहयोगी के पद पर नियुक्ति को लेकर सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता द्वारा समिति सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की गई है।
नानौता थाना क्षेत्र के गांव तिलफरा ऐनाबाद स्थित साधन सहकारी समिति के संचालक द्वारा गत 17 दिसंबर को सहायक आयुक्त/सहायक निबंधक को भेजे गए शिकायती पत्र में बताया था कि साधन सहकारी समिति की बैठक 12 दिसंबर को हुई थी। इसकी कार्रवाई की पुष्टि आज तक भी नहीं की गई है। शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि समिति के सचिव व सभापति द्वारा सांठगांठ कर किसी व्यक्ति से भारी पैसा लेकर कर्मचारी नियुक्त कर दिया गया है। इसकी जांच अपर जिला सहकारी अधिकारी और सहायक विकास खंड अधिकारी नानौता को सौंपी गई थी। जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, सहारनपुर ने अवैध रुप से की गई नियुक्ति को निरस्त करने एवं समिति सचिव चरण सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए श्रीसिंह को तिलफरा समिति से संबद्ध कर दिया है। इसके साथ ही उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की गई है। निलंबन काल में चरणसिंह को जीवन निर्वाह भत्ते के अतिरिक्त अन्य किसी प्रकार के देयों का भुगतान नहीं किया जाएगा। इसके अलावा शाखा प्रबंधक, नानौता को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए आगामी 15 दिन के अंदर संबंधित के विरुद्ध अंदर संबधित आरोप पत्र गठित करते हुए जांच आख्या कार्यालय को प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।
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नानौता थाना क्षेत्र के गांव तिलफरा ऐनाबाद स्थित साधन सहकारी समिति के संचालक द्वारा गत 17 दिसंबर को सहायक आयुक्त/सहायक निबंधक को भेजे गए शिकायती पत्र में बताया था कि साधन सहकारी समिति की बैठक 12 दिसंबर को हुई थी। इसकी कार्रवाई की पुष्टि आज तक भी नहीं की गई है। शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि समिति के सचिव व सभापति द्वारा सांठगांठ कर किसी व्यक्ति से भारी पैसा लेकर कर्मचारी नियुक्त कर दिया गया है। इसकी जांच अपर जिला सहकारी अधिकारी और सहायक विकास खंड अधिकारी नानौता को सौंपी गई थी। जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, सहारनपुर ने अवैध रुप से की गई नियुक्ति को निरस्त करने एवं समिति सचिव चरण सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए श्रीसिंह को तिलफरा समिति से संबद्ध कर दिया है। इसके साथ ही उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की गई है। निलंबन काल में चरणसिंह को जीवन निर्वाह भत्ते के अतिरिक्त अन्य किसी प्रकार के देयों का भुगतान नहीं किया जाएगा। इसके अलावा शाखा प्रबंधक, नानौता को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए आगामी 15 दिन के अंदर संबंधित के विरुद्ध अंदर संबधित आरोप पत्र गठित करते हुए जांच आख्या कार्यालय को प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।
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