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अयोध्या मसले पर इस वक्त कुछ कहना मुनासिब नहीं: मदनी
Updated Mon, 26 Nov 2018 12:24 AM IST
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अयोध्या मसले पर इस वक्त कुछ कहना मुनासिब नहीं: मदनी
देवबंद (सहारनपुर)। अयोध्या में संघ और विहिप की धर्मसभा को लेकर जमीयत उलमा-ए-हिंद समेत देवबंदी उलमा का कहना है कि बाबरी मस्जिद-रामजन्म भूमि को लेकर उनका रुख पहले से साफ है। इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट जो फैसला देगा वो हमारे लिए मान्य होगा। आज जरूरत मुल्क में आपसी सौहार्द को बढ़ावा देने की है।
जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैय्यद अरशद मदनी ने कहा कि अयोध्या में धर्मसभा को लेकर जिस तरह का माहौल था, उसको देखते हुए वहां पूरे चार दिनों तक नजर रखी गई। हम नहीं समझते कि इस वक्त इस पर कुछ कहना मुनासिब होगा। जब जो होगा देखा जाएगा। अरबी के प्रसिद्ध विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी का कहना है कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड समेत मुल्क के मुसलमानों का पहले से यह रुख रहा है कि बाबरी मस्जिद-रामजन्मभूमि का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और कोर्ट इस पर जो भी फैसला सुनाता है, उसे मुसलमान इज्जत के साथ कबूल करेंगे। वो खिलाफ हो या फिर समर्थन में। उन्होंने कहा कि आज मुल्क में जरूरत प्यार, मोहब्बत और आपसी सौहार्द की है, जिसको बढ़ावा दिए जाने की जरूरत है। मुल्क में अमनो अमान होगा तो यहां के लोग भी खुशहाल होंगे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या का मुद्दा बेहद पेचीदा है, इसलिए सभी लोगों को चाहिए कि वो इस तरह की बयानबाजी न करें जिससे मुल्क के हालात खराब हों।
नौशाद उस्मानी
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देवबंद (सहारनपुर)। अयोध्या में संघ और विहिप की धर्मसभा को लेकर जमीयत उलमा-ए-हिंद समेत देवबंदी उलमा का कहना है कि बाबरी मस्जिद-रामजन्म भूमि को लेकर उनका रुख पहले से साफ है। इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट जो फैसला देगा वो हमारे लिए मान्य होगा। आज जरूरत मुल्क में आपसी सौहार्द को बढ़ावा देने की है।
जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैय्यद अरशद मदनी ने कहा कि अयोध्या में धर्मसभा को लेकर जिस तरह का माहौल था, उसको देखते हुए वहां पूरे चार दिनों तक नजर रखी गई। हम नहीं समझते कि इस वक्त इस पर कुछ कहना मुनासिब होगा। जब जो होगा देखा जाएगा। अरबी के प्रसिद्ध विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी का कहना है कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड समेत मुल्क के मुसलमानों का पहले से यह रुख रहा है कि बाबरी मस्जिद-रामजन्मभूमि का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और कोर्ट इस पर जो भी फैसला सुनाता है, उसे मुसलमान इज्जत के साथ कबूल करेंगे। वो खिलाफ हो या फिर समर्थन में। उन्होंने कहा कि आज मुल्क में जरूरत प्यार, मोहब्बत और आपसी सौहार्द की है, जिसको बढ़ावा दिए जाने की जरूरत है। मुल्क में अमनो अमान होगा तो यहां के लोग भी खुशहाल होंगे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या का मुद्दा बेहद पेचीदा है, इसलिए सभी लोगों को चाहिए कि वो इस तरह की बयानबाजी न करें जिससे मुल्क के हालात खराब हों।
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नौशाद उस्मानी