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नबी के रास्ते पर चलने का पैगाम दिया
Updated Thu, 22 Nov 2018 12:06 AM IST
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नबी के रास्ते पर चलने का पैगाम दिया
सहारनपुर। ईद मिलादुल नबी के मौके पर आयोजित जलसे में वक्ताओं ने सभी को नबी के रास्ते पर चलने का पैगाम दिया। मुस्लिम समाज के लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को मुबारकबाद दी।
जनकनगर स्थित दरगाह बाजेेशाह से जुलूस भी निकाला गया। यह जुलूस घंटाघर, अंबाला रोड, मंडी समिति रोड होते हुए इंद्रा चौक के निकट स्थित मदरसा जामिया गौसिया रजविया पहुंचा। इसके बाद जलसे की शुुरूआत तिलावते पाक से की गई। सदारत सैयद मरगूबुल अमीन काजमी और सरपरस्ती मौलाना नूरूल अमीन काजमी ने की। उन्होंने तकरीर में कहा कि आज दुनिया में जो भी फसाद हैं, वे रसूल की तालीम के खिलाफ हैं। अगर दुनिया सुन्नतों पर अमल करने लगे तो मुहब्बत और वफादारी कायम हो जाएगी। इसके बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और गले लगकर मुबारकबाद दी। जलसे के बाद देर शाम तक लंगर चलता रहा।
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सहारनपुर। ईद मिलादुल नबी के मौके पर आयोजित जलसे में वक्ताओं ने सभी को नबी के रास्ते पर चलने का पैगाम दिया। मुस्लिम समाज के लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को मुबारकबाद दी।
जनकनगर स्थित दरगाह बाजेेशाह से जुलूस भी निकाला गया। यह जुलूस घंटाघर, अंबाला रोड, मंडी समिति रोड होते हुए इंद्रा चौक के निकट स्थित मदरसा जामिया गौसिया रजविया पहुंचा। इसके बाद जलसे की शुुरूआत तिलावते पाक से की गई। सदारत सैयद मरगूबुल अमीन काजमी और सरपरस्ती मौलाना नूरूल अमीन काजमी ने की। उन्होंने तकरीर में कहा कि आज दुनिया में जो भी फसाद हैं, वे रसूल की तालीम के खिलाफ हैं। अगर दुनिया सुन्नतों पर अमल करने लगे तो मुहब्बत और वफादारी कायम हो जाएगी। इसके बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और गले लगकर मुबारकबाद दी। जलसे के बाद देर शाम तक लंगर चलता रहा।
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